: लोकायुक्त टीम को मप्र, उप्र में जमीन होने के मिले दस्तावेज : भोपाल। मुख्य वन संरक्षक बीपी सिंह के यहां लोकायुक्त पुलिस उज्जैन की टीम ने कार्रवाई करते हुए आधे अरब की काली कमाई का खुलासा किया है। टीम ने बुधवार सुबह सिंह के भोपाल स्थित निजी आवास और उज्जैन के शासकीय आवास पर एक साथ छापामार कार्रवाई करते हुए ५० करोड़ से अधिक की संपत्ति उजागर की। टीम को भोपाल, सीहोर और उप्र के लखनऊ, बनारस में जमीन होने के दस्तावेज भी मिले हैं। टीम आगे जांच कर रही है।
लोकायुक्त डीएसपी ओपी सागौरिया ने बताया १९८७ बैच के आईएफएस अधिकारी बीपी सिंह के खिलाफ कई दिनों से भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतें मिली थीं। इसके बाद लोकायुक्त टीम ने उनके भोपाल की चूना भट्टी कॉलोनी में निजी आवास पर बुधवार सुबह ५.४५ बजे दबिश दी। इस कार्रवाई में दो दर्जन अधिकारी शामिल थे। जांच के दौरान घर में उनकी पत्नी और बेटा मौजूद था। यहां से ३०० बीघा से अधिक जमीन के दस्तावेज, एक पेट्रोल पंप, दो होटल, १२ बैंक खाते, १ मैरिज गार्डन, तीन आलीशान मकान, सीहोर, भोपाल, लखनऊ, वाराणसी, जौनपुर, हिसानपुर में मकान और जमीन की दस्तावेज मिले हैं।
प्रारंभिक पड़ताल में सामने बैंक खातों में ७० लाख होने की जानकारी मिली है। वहीं अन्य बैंक खातों को खंगाला जाएगा। वन अधिकारी ने सास-ससुर के नाम पर बुधनी-होशंगाबाद मार्ग पर जमीन ले रखी है। वहीं अन्य परिजनों के नाम से भी जमीन की खरीदी की है। भोपाल के घर में एक विदेशी पिस्टल और कारतूस भी मिले है।
घबरा कर चल दिए : लोकायुक्त अधिकारी ने बताया, भोपाल में कार्रवाई के समय जैसे ही उनकी पत्नी ने फोन पर उज्जैन में बीपी सिंह से बात कराई तो, घबरा कर बीपी सिंह उज्जैन के शासकीय आवास से दस्तावेज ले भोपाल के लिए चल दिए। इस पर अलसुबह ही उज्जैन में ही लोकायुक्त टीम ने उन्हें रास्ते में रोक लिया। जांच के दौरान सूटकेस में से ७ लाख रुपए नकद, रिवॉल्वर, कारतूस एवं पासपोर्ट मिला। वहीं जमीन, निवेश, पेट्रोल पंप के भी दस्तावेज मिले हैं।
इन्होंने की कार्रवाई : बीके सिंह के यहां लोकायुक्त टीम की कार्रवाई में भोपाल में डीएसपी सागोरिया एवं उज्जैन में डीएसपी बघेल के नेतृत्व में कार्रवाई की गई जिसमें दिनेश पटेल, समीर खान, राकेश बिहारी, घनश्याम मिश्रा, विशाल, मनीष शर्मा, विजय बारचे, पंद्रे, राघव आदि शामिल थे।
यहां रहे पदस्थ : लोकायुक्त के घेरे में आए १९८७ बैच के अधिकारी सिंह अपने कार्यकाल में होशंगाबाद, भोपाल, शहडोल और उज्जैन में पदस्थ रहे। वे जहां भी रहे वहां करोड़ों की संपत्ति खरीदी और अन्य चीजों में निवेश किया।
ये मिला कार्रवाई में : बीपी सिंह के ठिकानों से १२ बैंक खाते, १ लॉकर, १७ लाख नकद, १ किलो सोना जिसमें आभूषण और सिक्के शामिल हैं। १.२५ लाख की चांदी, सीहोर में ३१ बीघा जमीन, चूना भट्टी में ८००० वर्ग फीट पर एक करोड़ का मकान मिला। वहीं भोपाल-सीहोर मार्ग पर डेढ़ बीघा जमीन, जौनपुर उप्र प्रदेश में ३०० बीघा जमीन, उप्र हिसानपुर एवं बनारस कैंट में १०-१० हजार वर्गफीट के दो ऑलीशान मकान, बनारस कैंट में ही ८० हजार वर्गफीट का भव्य मैरिज गार्डन, १ पेट्रोल पंप, सूर्या और आइडियल नाम से दो होटल, उप्र में गौतम इन्फ्रास्ट्रक्चर कंपनी में निवेश के दस्तावेज मिले हैं।
जांच जारी : लोकायुक्त में उच्च पदस्थ अधिकारियों की माने तो बीपी सिंह के पास १ अरब के आसपास चल-अचल संपत्ति होगी। प्रारंभिक जांच में मिले दस्तावेजों का आकलन किया जाए तो उप्र में ३०० बीघा जमीन की बात सामने आ रही है। जमीन से संबंधित अन्य दस्तावेज जुटाए जा रहे हैं। वहीं होशंगाबाद रोड पर निर्माणाधीन मॉल में हिस्सेदारी की जानकारी भी है। लखनऊ में भी जमीन एवं बैंक खाते होने की खबर है। बैंक के दस्तावेजों की विस्तृत जांच चल रही है, इसमें एलआईसी खाते भी शामिल हैं।
…तो कैसे ५० करोड़ : वन अधिकारी बीपी सिंह की २५ साल की सेवा में सिर्फ ७५ लाख रुपए कमाए हैं। लोकायुक्त अधिकारियों ने बताया कि इस आधार पर अगर उनके वेतन का ४० प्रतिशत खर्च माना जाए तो यह राशि ३५ लाख रुपए होती है। इस हिसाब से वन अधिकारी के पास ४० लाख रुपए की संपत्ति होना चाहिए। प्रारंभिक जांच में ही उनकी संपत्ति आधा अरब से अधिक निकल रही है।
भवतरिनी न्यूज के अजय द्विवेदी की रिपोर्ट.