दैनिक भास्कर, बठिंडा में छुटटी चाहिए तो नौकरी छोडनी पड़ेगी। क्योंकि बठिंडा भास्कर के बड़े अधिकारी अधीनस्थों को छुट़टी मांगने पर यही आदेश सुना रहे हैं। ताजा मामला सब एडिटर संतोष सुंदरियाल से जुडा है। बताया जा रहा है कि इसी हफ्ते के शुरु में वीकली आफ के बाद संतोष सुंदरियाल ने एक दिन का अवकाश मांगा और दिल्ली चले गए। पहले तो अधिकारियों ने कुछ नहीं कहा लेकिन जब संतोष लौटे तो उन्हें काम करने से मना कर दिया गया। संतोष दो दिन दफ्तर भी गए लेकिन उनसे कोई काम नहीं कराया गया।
बताया जा रहा है कि संतोष से जबरन इस्तीफा मांगने व काम छुड़वाने की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले जब चेतन शारदा भास्कर यूनिट के संपादक थे तो तब पत्रकार लता मिश्रा ने शादी के लिए छुट़टी मांगी थी। उस वक्त भी निचले दर्जे के अधिकारियों ने चेतन शारदा के कान भर दिए। शादी की तैयारियों के लिए छुटटी न मिली तो लता मिश्रा ने जॉब छोड दी। कुछ दिन पहले ही एक फोटोग्राफर को भी एक पंजाबी छाप पत्रकार ने बच्चों की सेवा के बदले नौकरी छोड़ने की धमकी तक दे डाली।
बताया जा रहा है इससे पहले भी एक सब एडिटर को बीमार होने के बावजूद जबरन काम पर आने को विवश किया गया। एक अन्य सब एडिटर की छुट्टी मंजूर नहीं हुई तो वह अपने किसी रिश्तेदार के विवाह में नहीं जा सका। पता चला है कि बठिंडा भास्कर में दो लोग ऐसे हैं जो खुद तो छुट्टी पर कम ही जाते हैं इसी वजह से दूसरों की छुट्टी लेने के चक्कर में अडंगा डालते रहते हैं। खैर पता चला है कि संतोष का मामला बड़े अधिकारियों तक पहुंच चुका है कि आखिर क्यों उन्हें छुट्टी देने में आनाकानी की गई। बताया जा रहा है संतोष ने अपना तबादला दिल्ली करवा लिया था, लेकिन बठिंडा भास्कर से उन्हें रिलीव नहीं किया गया।