लखनऊ। उत्तर प्रदेश राज्य मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति ने ऊर्दू दैनिक सहाफत के कार्यालय पर हुए हमले की कड़ी निंदा करते हुए सरकार से हमलावरों को गिरफ्तार कर कड़ी सजा देने का मांग की है। समिति की कार्यकारिणी की आज विधान भवन के प्रेस कक्ष में हुयी बैठक में इस मामले पर चर्चा की गयी और हमले के दोषियों पर कड़ी धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की मांग की गयी।
समिति के अध्यक्ष हेमंत तिवारी ने इस सिलसिले में बुधवार रात और गुरुवार को डीजीपी, एडीजी कानून व्यवस्था, आईजी जोन व डीआईजी से बात की थी। तिवारी ने बताया कि घटना की जांच एसटीएफ को सौंप दी गयी है। बैठक के बाद कार्यकारिणी के सदस्यों ने अध्यक्ष, हेमंत तिवारी, सचिव सिद्धार्थ कलहंस, उपाध्यक्ष सत्यवीर सिंह व कोषाध्यक्ष नीरज श्रीवास्तव के साथ सहाफत के कैसरबाग कार्यालय जाकर संपादक अमान अब्बास से मुलाकात की और घटना के बारे में जानकारी ली। सहाफत के कार्लय में ही हेमंत तिवारी ने एक बार फिर से एडीजी कानून व्यवस्था अरुण कुमार से फोन पर बात कर जांच की प्रगति के बारे में जानकारी हासिल की। श्री कुमार ने बताया कि घटना व हमलावरों के बारे में कुछ सुराग मिले हैं और जल्दी ही अपराधी हिरासत में होंगे।
समिति के सचिव सिद्धार्थ कलहंस ने बताया कि हमलावरों ने न केवल सहाफत के कार्यालय में जमकर तोड़फोड़ की बल्कि वेतन बांटने के लिए रखे पैसे भी लूट लिए। उन्होंने कहा कि इस हमले में सहाफत अखबार का लाखों का मुकसान हुआ है। सहाफत के संपादक सहित कर्मचारियों को सुरक्षा दिए जाने की मांग करते हुए समिति ने हमलावरों को 48 घंटे में गिरफ्तार करने की मांग की है। सहाफत कार्यालय जाने वालों में समिति की कार्यकारिणी सदस्य टीबी सिंह, श्रीधर अग्निहोत्री, अमृतांशु मिश्रा, अरुण त्रिपाठी, नायला किदवाई व वरिष्ठ पत्रकार रजा रिजवी शामिल थे।
इस संदर्भ में समिति के अध्यक्ष ने हेमंत तिवारी ने कहा कि यह हमला बहुत ही निंदनीय है। सहाफत एक जाना माना अखबार है। हमलावरों को पकड़वाने के लिए जितना भी संघर्ष करना पड़े हम इसके लिए पूरी तरह तैयार हैं। अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन हम इसके लिए कोई भी लड़ाई लड़ने को तैयार हैं। गौरतलब है कि दो दिन पूर्व बुधवार की शाम को कुछ अराजक तत्वों ने उर्दू अखबार सहाफत के कार्यालय पर हमला किया था।