Connect with us

Hi, what are you looking for?

No. 1 Indian Media News PortalNo. 1 Indian Media News Portal
Local News Community

विविध

कसाब के बाद अफजल गुरु को भी फांसी पर लटकाया गया

भारतीय संसद पर वर्ष 2001 में हुए हमले के लिए दोषी करार दिए गए अफजल गुरु को आज सुबह तिहाड़ जेल में फांसी दे दी गई। केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने अफजल को फांसी दिए जाने की पुष्टि की है। अफजल गुरु को तिहाड़ में जेल नंबर तीन में हाई सिक्युरिटी वार्ड में रखा गया था और इसी वार्ड से 10-20 मीटर की दूरी पर स्थित फांसी घर में उसे फांसी दी गई। सूत्रों के मुताबिक उसे तिहाड़ जेल में ही दफनाया जाएगा।

भारतीय संसद पर वर्ष 2001 में हुए हमले के लिए दोषी करार दिए गए अफजल गुरु को आज सुबह तिहाड़ जेल में फांसी दे दी गई। केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने अफजल को फांसी दिए जाने की पुष्टि की है। अफजल गुरु को तिहाड़ में जेल नंबर तीन में हाई सिक्युरिटी वार्ड में रखा गया था और इसी वार्ड से 10-20 मीटर की दूरी पर स्थित फांसी घर में उसे फांसी दी गई। सूत्रों के मुताबिक उसे तिहाड़ जेल में ही दफनाया जाएगा।

अफजल को सजा-ए-मौत पर तामील होगा, यह 3 फरवरी को ही तय हो गया था। 3 फरवरी को राष्‍ट्रपति के यहां से अफजल गुरू की दया याचिका खारिज होने की लिखित सूचना गृह मंत्रालय के पास आ गई थी। अफजल गुरु की फांसी के मद्देनजर कश्मीर घाटी में कर्फ्यू लगा दिया गया है। अफजल गुरु को वर्ष 2004 में सुप्रीम कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई थी, हालांकि वर्ष 2006 में उसे दी जाने वाली फांसी उस समय स्थगित हो गई, जब उसकी पत्नी ने उसकी ओर से दया याचिका दायर कर दी।
 
अफजल के फांसी के बारे में तिहाड़ जेल में सिर्फ महानिदेशक (डीजी) विमला मेहरा को ही इसकी खबर थी। पूरे मिशन को एकदम गुप्‍त रखा गया था। 9 फरवरी को अफजल को फांसी होगी, इसकी जानकारी तिहाड़ जेल नंबर 3 के अफसरों के अलावा किसी को नहीं दी गई। अफजल को जेल नंबर 3 में ही फांसी पर लटकाया गया। शुक्रवार (8 फरवरी) को ही उसे फांसी के बारे में बता दिया गया था और उसकी अंतिम इच्‍छा भी पूछ ली गई थी। उसने अंतिम इच्‍छा के रूप में 'कुरान' की एक प्रति मांगी थी। उसके पास इसकी एक प्रति पहले से थी, लेकिन अंतिम इच्‍छा के तौर पर भी उसने यही मांग की। उसे यह मुहैया करा दिया गया था।
 
रात में उसके सेल में खाने-पीने की कई चीजें भी रखी गई थीं। लेकिन उसने कुछ नहीं खाया। रात भर में उसने दो-तीन गिलास पानी पीया। रात भर वह सो नहीं सका। सुबह अफसरों ने जब संतरी से पूछा कि क्‍या अफजल जग गया है, तो उसका कहना था कि वह रात भर सोया ही नहीं। शनिवार सुबह 6 बजे जेल डीआईजी, जेल सुपरिटेंडेंट, डिप्‍टी सुपरिटेंडेंट, मजिस्‍ट्रेट और डॉक्‍टर जेल नंबर 3 पहुंचे। डॉक्‍टरों ने उसका टेस्‍ट किया। सब ठीक पाया गया। वह थोड़ा घबराया था।
 
उसे डेथ वारंट सुनाया गया।  अंतिम समय में अफजल बिना कॉलर का कुर्ता पहने हुए था। शनिवार सुबह 8 बजे अफजल को डॉक्‍टरों ने मृत घोषित कर दिया। इसके करीब 15 मिनट बाद सरकार की ओर से इसकी पुष्टि की गई। वर्ष 2001 के दिसम्बर माह में पांच हथियारबंद आतंकवादियों ने संसद भवन प्रांगण में घुसकर गोलीबारी शुरू कर दी थी। इस वारदात में सात लोगों की मौत हुई थी, जिनमें अधिकतर सुरक्षाकर्मी थे। आतंकवादियों को भी मार गिराया गया था। दरअसल, उस समय संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही कुछ ही मिनट पहले स्थगित की गई थी, इसलिए बहुत-से सांसद उस समय तक भी संसद भवन के भीतर ही थे। 
CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

… अपनी भड़ास [email protected] पर मेल करें … भड़ास को चंदा देकर इसके संचालन में मदद करने के लिए यहां पढ़ें-  Donate Bhadasमोबाइल पर भड़ासी खबरें पाने के लिए प्ले स्टोर से Telegram एप्प इंस्टाल करने के बाद यहां क्लिक करें : https://t.me/BhadasMedia 

Advertisement

You May Also Like

विविध

Arvind Kumar Singh : सुल्ताना डाकू…बीती सदी के शुरूआती सालों का देश का सबसे खतरनाक डाकू, जिससे अंग्रेजी सरकार हिल गयी थी…

विविध

: काशी की नामचीन डाक्टर की दिल दहला देने वाली शैतानी करतूत : पिछले दिनों 17 जून की शाम टीवी चैनल IBN7 पर सिटिजन...

विविध

पहली बार चुनाव हमने 1967 में देखा था. तेरह साल की उम्र में. और अब पहली बार ऐसा चुनाव देख रहे हैं, जो इससे...

विविध

राजस्थान, कांग्रेस और सेक्स. ये तीन शब्द लगता है आपस में अच्छे से घुल मिल गए हैं. भंवरी कांड में ये तीनों शब्द जुड़े...