इलाहाबाद : नैनी स्थित अरैल घाट पर शुक्रवार को दोस्तों के साथ स्नान के दौरान एक पत्रकार का बेटा नदी में डूब गया। सूचना मिलने पर करीब एक घंटे बाद पहुंची जल पुलिस और गोताखोरों की मदद से खोजबीन शुरू की गई। शनिवार दोपहर तक शव नहीं मिल पाया है। कालिंदीपुरम निवासी शिव त्रिपाठी हिन्दी दैनिक राष्ट्रीय सहारा में वरिष्ठ संवाददाता हैं। उनके दो बेटों में छोटा अंशुल इलाहाबाद डिग्री कालेज में बीकाम का छात्र था।
शुक्रवार सुबह वह मोहल्ले में रहने वाले कुलदीप और सौरभ के साथ कपड़े लेने के लिए बाइक लेकर घर से निकला। साउथ मलाका में कपड़े खरीदने के बाद तीनों अरैल घूमने निकले। यहां स्नान के दौरान ही एक दोस्त ने अंशुल का जूता उठाकर नदी में फेंक दिया। जूता निकालने के लिए जैसे ही अंशुल आगे बढ़ा गहरे पानी में डूबता चला गया। अंशुल को डूबते देख उसके दोनों दोस्तों ने मदद के लिए शोर मचाया, लेकिन वहां मौजूद नाविक इसे मजाक समझते रहे। कोई भी अंशुल को बचाने नहीं आया। जब तक लोग कुछ समझ पाते अंशुल नदी में डूब चुका था। सूचना पाकर करीब एक घंटे बाद पहुंची नैनी और जल पुलिस ने खोजबीन शुरू की, लेकिन जाल न होने और सिर्फ दो गोताखोरों की मदद से शुरू हुआ प्रयास नाकाफी रहा। कल अंधेरा होने के बाद पुलिस ने खोजबीन रोक दी। आज दोपहर तक अंशुल का शव बरामद नहीं हो सका है।





