: पत्रकारों को ट्रेंड कर रहे हैं तीन विदेशी प्रशिक्षक : अल्फा समूह के चैनल के लांच होने में देरी का असली कारण टीवी टुडे समूह का हेडलाइंस टुडे है. चौंकिए मत. यह बात पूरी तरह से सही है, हेडलाइंस टुडे के ऑब्जेक्शन के बाद ही अल्फा समूह ने अपने चैनल का नाम बदला है. सूत्रों का कहना है कि अल्फा समूह नेशन टुडे के नाम से ही अपने चैनल के लांचिंग की तैयारी पूरी कर चुका था, परन्तु अचानक हेडलाइंस टुडे ने इस मिलते जुलते नाम के चलते ऑब्जेक्शन कर दिया.
बताया जा रहा है इसी के बाद प्रबंधन ने नाम बदलने का फैसला किया. हालांकि नेशन टुडे नाम से लोगो और अन्य चीजें फाइनल हो चुकी थीं, बाद में बदलना पड़ा. प्रबंधन ने इसके बाद न्यूज नेशन के लिए आवेदन किया. इसी प्रक्रिया में उसे समय लग गया. बताया जा रहा है कि प्रबंधन ने इस नए नाम का लोगो और सारी चीजें तैयार कर ली हैं. सब कुछ नए तरीके से करने के चक्कर में ही प्रबंधन 26 जनवरी को अपना चैनल लांच नहीं कर पाया क्योंकि इस दिन तक चैनल का नया नाम उपलब्ध नहीं हो सका था.
इधर, अल्फा टीवी प्रबंधन अपने पत्रकारों को ट्रेनिंग देने के लिए तीन विदेशियों को हायर किया है. ये तीनों पत्रकारिता समेत इसके तमाम पहलुओं से यहां कार्यरत लोगों को ट्रेंड कर रहे हैं. मोटिवेशन से लेकर खबरों के ट्रीटमेंट के बारे में भी ये जानकारी देकर अल्फा समूह के पत्रकारों को ट्रेंड कर रहे हैं. चर्चा है कि अल्फा समूह पहला ग्रुप है जो अपने पत्रकारों को ट्रेनिंग दिलवाने के लिए विदेश से पत्रकारिता का प्रशिक्षक हायर किया है. पत्रकार भी इन तीनों से अलग अलग सत्र में अपनी जिज्ञासाओं का समाधान पा रहे हैं.