गाजीपुर। जन्म के समय प्रत्येक मनुष्य जब संसार में आता है तो सहज और सरल होता है। किन्तु जैसे जैसे वह बड़ा होता है उसमें बुराई भरने लगती है, जिससे वह मूल स्वभाव में नहीं रह जाता है। अवधूत भगवान राम के जीवन पर प्रकाश डालते हुए उदयप्रताप स्वायत्तशासी महाविद्यालय के हिन्दी विभागाध्यक्ष डा. मधु सिंह ने उनके बारे में बताते हुए कहा कि गुण्डी ग्राम मैंने जा करके देखा है जहां बाबा बैठा करते थे और घण्टों स्थापित शिव मंदिर में पूजा करते थे।
आज आवश्यकता इस बात की है कि बाबा की बतायी बातें उनकी सिद्धान्तों, संदेशों पर हम चले। अवधूत भगवान राम के इस बाल दिवस की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि 16 साल की अवस्था में आज के ही दिन इलाहाबाद के कुंभ में मां अन्नपूर्णा ने इन्हें कुछ खाने को दिया, तब से ये समाज को सब कुछ बांटते रहे। तभी से यह दिन बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है। आज के विषम परिस्थियों में बच्चों की अहम भूमिका है इनके पहले गुरु माता-पिता हैं। बच्चा जब कुछ नही बोलता है तब मां सब कुछ समझ जाती है किन्तु बच्चे के बड़े हो जाने पर जब मां समझाने लगती है तो बच्चा नही समझता है और उसमें बुराई भरने लगती है।
यह व्याख्यान अघोर सेवा मण्डल, दिलदारनगर गाजीपुर के तत्वाधान में परम पूज्य अघोरेश्वर अवधूत भगवान राम जी का अनन्य दिवस बाल दिवस के रूप में परम्परागत अघोर वातावरण में जनपद के लंका मैदान में मनाया गया। विशिष्ट अतिथि डा. राजनरायण सिंह संस्कृत पीजी कालेज गाजीपुर ने कहा कि घोर के बाद ही अघोर आता हैं। सौम्य रूप ही अघोर है आप ने कहा कि गुरु के ज्ञान को ही ग्रहण करें, अक्षर ज्ञान को नहीं, क्योंकि अक्षर ज्ञान से साक्षर होने से बात ज्यादे हाहाकार मचा है। आपने अघोर, वाम मार्ग को ही वास्तविक बताते हुए कहा कि प्राण तत्व ही औघड़ एवं अघोर है। वक्ताओं में ओमकार सिंह प्रधानाचार्य सुहवल इण्टर कालेज, हथियाराममठ से जुड़े गजराज सिंह, डा. त्रिलोकी नाथ सिंह, वरिष्ठ पत्रकार विजय कुमार आदि रहे।
इस अवसर पर विभिन्न विद्यालयों के छात्र छात्राओं द्वारा विभिन्न प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किये गये और प्रतिभागी बच्चों को पुरस्कृत किया गया। जिसमें नृत्य एवं गायन में स्व. जगदीश नारायण बाल विद्या मंन्दिर, चुरामनपुर को प्रथम, गौरी शंकर पब्लिक स्कूल को द्वितीय, कान्ती मेमोरियल ददरीघाट को तृतीय, अवधूत भगवान राम पब्लिक स्कूल को चतुर्थ स्थान प्राप्त हुआ। एकल में अवधूत भगवान राम प्रथम, कांती मेमोरियल द्वितीय, लूदर्स कान्वेन्ट स्कूल तृतीय, स्व. जगदीश नारायण बाल विद्या मंदिर चतुर्थ स्थान प्राप्त किया। कार्यक्रम के अन्त में अतिथियों को स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया। संस्था के उपाध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता रणजीत सिंह ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया। संचालन रामाश्रय सिंह ने किया।
राष्ट्रीय सेवा योजना शिविर से लोगों को किया जागरूक
गाजीपुर। जनपद में राष्ट्रीय सेवा योजना की डॉ. राम मनोहर लोहिया डिग्री कालेज अध्यात्मपूरम् ढोटारी गाजीपुर, इकाई के सिसई तौफिर में 5 फरवरी से 11 फरवरी तक चलने वाले सात दिवसीय में शनिवार को छात्र-छात्राओं द्वारा अमवॉ सती माई मार्ग की साफ-सफाई तथा वहा की लोगों को पर्यावरण व स्वछता पर विशेष ध्यान देने के साथ ही खुले में शौच न करने के लिए जागरुक किया। संध्याकलीन विचार गोष्ठी में श्री गॉधी इन्टर कालेज ढोटारी के प्रधानाचार्य छविनाथ मिश्रा ने कहा कि शिक्षा अर्जन का उदेश्य पहले ज्ञान प्राप्त करना होना चाहिए। बदलती परिस्थितियों के अनुसार शिक्षा का ज्ञान और कौशल प्राप्त करने के साथ ही रोजगारपरक होना आवश्यक है। कार्यक्रम अधिकारी डॅा. दिग्विजय उपाध्याय ने छात्रों को सही मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में धीरेद्र प्रताप सिहं, हरिशकंर सिंह, प्रमोद सिंह, पवन गुप्ता, इदल राय, उपेन्द्र भार्गव, कमलेश यादव, शिव कुमार इत्यादि थे। कार्यक्रम का सफल सचांलन डॉ. सजंय श्रीवास्तव ने किया।