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लखनऊ

बाराबंकी में सपा विधायक के भाई पर हत्या कर फरार होने का आरोप

 

बाराबंकी। कोतवाली नगर अन्तर्गत बाराबंकी सदर विधायक के भाई ने एक 16 वर्षीय युवक को पीट-पीटकर मार डाला और लाश को तालाब में फेंक दिया। ऐसा कहना मृतक के पिता का है। इस संबंध में कोतवाली में एफआईआर के लिए तहरीर दी गयी। लेकिन देर रात तक पुलिस जांच में जुटी रही। आरोपी फरार बताया जा रहा है। पुलिस ने लाश का पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। जहां तीन डाक्टरों के पैनल ने मृत्यु का कारण डूबने से बताया।

 

बाराबंकी। कोतवाली नगर अन्तर्गत बाराबंकी सदर विधायक के भाई ने एक 16 वर्षीय युवक को पीट-पीटकर मार डाला और लाश को तालाब में फेंक दिया। ऐसा कहना मृतक के पिता का है। इस संबंध में कोतवाली में एफआईआर के लिए तहरीर दी गयी। लेकिन देर रात तक पुलिस जांच में जुटी रही। आरोपी फरार बताया जा रहा है। पुलिस ने लाश का पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। जहां तीन डाक्टरों के पैनल ने मृत्यु का कारण डूबने से बताया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार कोतवाली नगर क्षेत्र के ग्राम मोहारी का पुरवा मजरे बड़ेल निवासी रामपाल नाई का 16 वर्षीय पुत्र बबलू गांव के ही बहादुर कैटर्स के मालिक के साथ में खाना बनाने और अन्य काम करता था। 28 जनवरी की दोपहर वह गांव के ही धर्म मिस्त्री की लड़की की शादी में काम करने गया था। उसके बाद से वह घर वापस नहीं लौटा। चर्चा यह है कि बारात के समय बबलू का विवाद बाराबंकी सदर के विधायक धर्मराज यादव उर्फ सुरेश के भाई धर्मेन्द्र यादव से हो गया था। उसी के बाद से बबलू वहां से लापता हो गया। जब देर रात तक बबलू घर नहीं पहुंचा तो उसके पिता रामपाल और भाई दीपू और घर के अन्य सदस्य बबलू की तलाश में पहले कैटर्स मालिक से बात की और वहां पता चला कि बबलू घर जा चुका है। लेकिन कई दिनों तक बबलू की तलाश उसके परिजन करते रहे। लेकिन कहीं पर भी बबलू का पता नहीं चला। आखिरकार मजबूर होकर तीन फरवरी को मृतक के भाई दीपू ने कोतवाली नगर में आकर अपने भाई की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवायी। उसके बाद भी वह अपने भाई की तलाश करता रहा। इधर कोतवाली प्रभारी ने सिर्फ गुमशुदगी दर्ज करने के बाद यह पता लगाने का प्रयास नहीं किया कि आखिर बबलू कहां गया।
 
मंगलवार की सुबह ग्राम मोहारी का पुरवा के पास स्थित एक तालाब में ग्रामीणों ने एक लाश देखी। ग्रामीणों ने इसकी सूचना कोतवाली प्रभारी को दी। घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली प्रभारी संतोष सिंह मौके पर पहुंच गये और लाश को बाहर निकलवाया तो उसकी शिनाख्त गांव के ही बबलू के रूप में की गयी। लाश को देखने से लग रहा था कि किसी ने बबलू को बेहरमी से पीटा है। क्योंकि उसके शरीर की चमड़ी उधड़ी हुई थी। इतना ही नहीं अन्य कई स्थानों पर चोटों के निशान थे। कोतवाली प्रभारी ने इस घटना की सूचना अपने उच्चाधिकारियों को दी। वहीं दूसरी तरफ बबलू की लाश देखने के बाद से ही उसका पिता रामपाल और भाई दीपू रो-रोकर चिल्लाने लगा कि सपा विधायक के भाई धर्मेन्द्र ने उसके लड़के की हत्या कर दी है। इसके बाद सैकड़ों ग्रामीणों ने कोतवाली प्रभारी को घेर लिया। किसी तरह से लाश का पंचनामा भरकर प्रभारी निरीक्षक ने पोस्टमार्टम के लिए भेजा और बाद में मृतक के पिता की तहरीर पर कार्यवाही शुरू कर दी। इस संबंध में कोतवाली प्रभारी का कहना है कि लाश का पोस्टमार्टम होने के बाद भी यह पता चलेगा कि हत्या की वजह क्या है। इतना ही नहीं जांच के उपरान्त ही कोई अन्य कार्यवाही की जायेगी। वहीं आक्रोशित लोगों ने यह भी कहा कि सपा सरकार को बदनाम करने का सपा विधायक और उनके परिजन कोशिश कर रहे हैं। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और नेता मुलायम सिंह यादव जी इनकी हरकतों पर लगाम लगायें।
 
घटना में मेरे भाई का हाथ नहीं : विधायक
 
बाराबंकी। बाराबंकी सदर विधायक धर्मराज यादव उर्फ सुरेश ने कहा कि इस घटना में मेरे भाई का कोई हाथ नहीं है। यह सिर्फ मेरी राजनैतिक छवि को धूमिल करने की साजिश मेरे विरोधियों पार्टियों द्वारा रची जा रही है। उन्होंने आगे बताया कि जिस समय की घटना बतायी जा रही है। उस दिन तो मेरा भाई मोहारी का पुरवा गया ही नहीं था। उन्होंने कहा कि इस साजिश में एक कांग्रेसी नेता की विशेष भूमिका नजर आ रही है। वैसे जांच के बाद सारी हकीकत सामने आ जायेगी कि कौन कितना दोषी है।
 
सत्ता में क्यों बन गये धर्मेन्द्र व सुरेश हिटलर!
 
बाराबंकी। जबसे सपा सरकार ने प्रदेश में सत्ता संभाली है और बाराबंकी सदर सीट पर पहले बसपा में रहे बाद में सपा से टिकट पाकर सुरेश यादव ने विधायकी जीत ली। उसके बाद से लगातार सुरेश यादव और उनके भाई धर्मेन्द्र यादव चर्चा में रहे। कभी ओवर ब्रिज पर मामूली कार आगे निकाले के मामले में मां-बेटों को सरेआम पीटकर पुल से लटकाने का मामला रहा हो या अभी बड़ेल और ओबरी की ग्राम्य समाज की जमीन पर बने सैकड़ों मकान बुल्डोजर से गिराने का हिटलरशाही मामला हो। हर मामले में इन लोगों का नाम चर्चा में रहा। लेकिन सत्ता की धमक होने के कारण कभी भी स्थानीय प्रशासन ने इन पर हाथ डालने का प्रयास नहीं किया। शायद इसी का नतीजा है कि इन लोगों के हौसले बढ़े रहे और आज तो मोहारी का पुरवा में हुई घटना से पूरी समाजवादी पार्टी की छीछालेदर हो गयी।
 
बाराबंकी से रिजवान मुस्‍तफा की रिपोर्ट.
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