बाराबंकी। बेनी बाबू का जन्मदिन हर वर्ष 11 फरवरी को चर्चा में रहता है। अबकी बार पहले से ही बाबू जी के विदेश में रहने की वजह से बड़े कार्यक्रम का आयोजन रद्द कर दिया गया। सिर्फ गरीबों की शादियां कराने का फैसला हुआ। बेनी बाबू आये। साथ में नये कांग्रेसियों को भी लाये। मंच पर बैठे कुंभ के हादसे को लेकर दुख जताया और कार्यकर्ताओं व अपने लोगों से जन्मदिन सादगी से मनाने का एलान भी किया। लेकिन अफसोस कि उसी कार्यक्रम में जमकर डिस्को डांस हुआ। बेनी के चहेतों ने जन्मदिन पर खूब नाचा और खुशियां मनायी।
वैसे हर वर्ष कभी केक काटने पर, कभी कार्यक्रम में आंधी आने पर, कभी मौजूदा जैदपुर के सपा विधायक रामगोपाल रावत जो उस वक्त बेनी बाबू के साथ हुआ करते थे, जन्मदिन पर ठुमका लगा चुके हैं। इस चर्चित कार्यक्रम पर सभी की नजर थी। बेनी की बेलगाम जबान पर निकलने वाले अल्फाजों को सुनने के लिए भी मीडिया बेताब थी। लेकिन यहां पर एलान हुआ इलाहाबाद के कुंभ मेले में गत दिनों हुए दर्दनाक हादसे से दुखी होकर जहां विभिन्न राजनैतिक दलों के नेताओं ने अपने कई कार्यक्रम रद्द कर दिये थे। वहीं इस कार्यक्रम को भी सादगी से मनाया जायेगा। लेकिन हुआ इसके बिल्कुल बरखिलाफ केन्द्रीय इस्पात मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा के जन्मदिन समारोह पर डिस्को का रंगारंग कार्यक्रम हुआ और जमकर हुड़दंग भी देखने को मिला। जिसमें नाचने वालियां भी दिल्ली से आयी थी। सूत्रों की अगर मानी जाये तो यह इन्तजाम स्टील अथार्टी ऑफ इण्डिया के कुछ चम्मच किस्म के अधिकारियों द्वारा डांसर बुलाकर डांस कराने का कार्यक्रम आयोजित किया गया था।

जानकारी के अनुसार 11 फरवरी को केन्द्र की सरकार के केन्द्रीय मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा का 73वां जन्मदिन था। इस अवसर पर जनपद के उनके चहेते लोगों ने एक समारोह श्रीराम वाटिका में आयोजित कर रखा था। पहले तो यहां पर गरीब कन्याओं का विवाह कार्यक्रम सम्पन्न हुआ और केन्द्रीय इस्पात मंत्री ने खुद इन सभी वर-वधुओं को आशीर्वाद भी दिया। लेकिन उस कार्यक्रम के बाद उसी मंच पर शुरू हो गया डिस्को का कार्यक्रम। कई नृत्यकियों ने मंच पर खुलेआम डांस किया और तड़क-भड़क वाले गाने भी गाये। उस समय केन्द्रीय इस्पात मंत्री यह भूल गये थे कि उन्होंने इलाहाबाद में कुंभ के दौरान रेलवे स्टेशन पर जो घटना घटी है, उसी के शोक में सादगीपूर्ण ढंग से जन्मदिन मनाने की घोषणा कर रखी थी।
कुल मिलाकर इस रंगारंग कार्यक्रम में जरूर कुछ उनके आलोचकों ने यह कहकर आलोचना की कि बेनी बाबू का पुराना वाला जलवा अब नजर नहीं आता। इसलिए भीड़ बटोरने के लिए खातिर उन्होंने अपने कार्यक्रम स्थल पर डिस्को डांस का कार्यक्रम कर रखा था। वैसे बेनी प्रसाद वर्मा के जन्मदिन पर इस बार वास्तव में वह भीड़ नहीं दिखायी दी थी जो उनके पिछले कार्यक्रमों में देखने को मिलती थी। इसकी वजह क्या है यह तो खुद ही जानें। वैसे आम लोगों का कहना है कि कांग्रेस का जनाधार पूरे प्रदेश में लगभग खत्म हो चुका है तो अकेले बेनी बाबू का ही कितना जनाधार बचा है। वहीं श्रीराम वाटिका के वीरेन्द्र सिंह ने कहा कि डांस का कार्यक्रम बाबू जी के आने से पहले हुआ। बाद में जाने के बाद हुआ। वह भी इसलिए हुआ कि शादियों की खुशी का मामला था। इसलिए यह आयोजन हुआ। बाबू जी के सामने कोई भी आक्रेस्टा या डांस नहीं हुआ।
वहीं समाजवादी पार्टी के जिला महासचिव और स्थानीय जिला सहकारी बैंक के चेयरमैन तथा उत्तर-प्रदेश को-आपरेटिव बैंक लि. लखनऊ के नवनिर्वाचित ‘‘मेम्बर-बोर्ड ऑफ डायरेक्टर’’ धीरेन्द्र कुमार वर्मा ने कहा कि अपने पुत्र की लगातार हार, समाप्त हो चुकी साख, आगामी लोकसभा चुनाव में सुनिश्चित हार की आशंका से उबर नहीं पा रहे बेनी बाबू। उन्होंने कहा कि सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव पर परिवारवाद का आरोपी बेनी बाबू की कुत्सित मानसिकता का परिचायक है। उन्हें यह कभी नहीं भूलना चाहिए कि आज देश और प्रदेश में उनकी जो भी पहचान है वह इन्हीं मुलायम सिंह यादव और उनके परिवार की देन है। चौधरी चरण सिंह की बात करने वाले बेनी बाबू को शायद यह एहसास नहीं है कि जब वे कांग्रेस में गये होंगे तो किसान नेता चौधरी चरण सिंह की आत्मा कर क्या गुजरी होगी।
उन्होंने कहा कि सपा से अलग होने के बाद निरन्तर बेनी बाबू सपा मुखिया के बारे में गैर जिम्मेदाराना बयानबाजी करते रहे किन्तु बड़े दिल के मालिक मुलायम सिंह यादव ने आज तक कुछ भी नहीं कहा। फिर भी बेनी बाबू आये दिन अनाप-शनाप बयानबाजी करने से बाज नहीं आते जिस सपा को खत्म हो जाने की बात वे करते थे, उनके ही जिले में वहीं सपा सभी छहों सीटों पर भारी बहुमत से विजयी हुई और बेनी बाबू के सभी उम्मीदवारों की छहों सीटों पर हालत पतली हो गयी तथा उनके पुत्र दरियाबाद में तीसरे स्थान पर पहुंच गये। दूसरी ओर सपा मुखिया की राजनैतिक पाठशाला में राजनीति का ककहरा पढ़ने वाले युवा अरविन्द सिंह गोप के रूप में जनपद की उर्वरा धरती ने नया समाजवादी नेतृत्व भी दिया, जिनको मुलायम सिंह यादव का पूरा आशीर्वाद मिला और जनपद के सभी समाजवादी एकजुट होकर उनके पीछे हो लिये।
बाराबंकी से रिजवान मुस्तफा की रिपोर्ट.