बाड़मेर। बाड़मेर वायुसेना स्टेशन से नियमित उड़ान के लिए उड़ान भरने के बाद एक मिग 27 लड़ाकू विमान मात्र 2 मिनट बाद ही आनानियों की ढाणी नामक स्थान पर गिर गया और इस दुर्घटना की भीषणता इतनी जबरदस्त थी कि इलाके में करीब एक किलोमीटर तक का इलाका वायुयान के टुकड़ों से अट गया। दरअसल मंगलवार दोपहर के बाद वायुसेना का एक विमान दुर्घटनाग्रस्त होक्रर उत्तरलाई व बांद्रा के बीच स्थित गांव बांद्रा के रहवासी क्षेत्र में जा गिरा। जैसे ही यह विमान हादसा हुआ चारों तरफ अफरा-तफरी का माहौल हो गया।
वायुसेना स्टेशन उत्तरलाई से मिग 27 विमान नियमित उड़ान पर उड़ा ही था, कि कुछ ही देर बाद तकनीकी खराबी के चलते दुर्घटनाग्रस्त होकर एक खेत में गिर गया। घटना की जानकारी मिलते ही एयरफोर्स, जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। घटना के बाद विमान का मलबा एक किमी. के क्षेत्र में बिखर गया। इस घटना में इलाके में स्थित एक रहवासी मकान में वायुयान के कुछ हिस्से जा टकराए जिसके कारण मकान के एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया और पत्थर आदि उछलने के कारण दो बच्चे व एक महिला चोटिल हुई, जिनको एम्बुलेंस 108 की सहायता से राजकीय चिकित्सालय लाया गया। यहाँ घटना के प्रत्यक्षदर्शी ग्रामीणों ने बताया कि अकस्मात हुए इस हादसे के कारण इलाके में रहने वाले ग्रामीण भयभीत हो गए हैं और इसके कारण लोग काफी डरे हुए हैं।

घटना के बाद एयरफोर्स के अधिकारियों के अलावा बाड़मेर जिला कलेक्टर भानू प्रकाश एटरू, जिला पुलिस अधीक्षक राहुल बारहठ, केयर्न एनर्जी के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और स्थितियों का जायजा लिया। ये तो गनीमत रही कि ये हादसा नागाणा से कुछ दूर हुआ अन्यथा कुछ ही किमी. की दूरी पर आगे केयर्न एनर्जी का तेल उत्त्पादन पॉइंट मगला है, अगर इस क्षेत्र में वायुयान दुर्घटनाग्रस्त हो जाता तो बड़ी तबाही मचा सकता था। घटना की सूचना के बाद केयर्न के अधिकारी भी सतर्क हुए और मौके पर पहुंचे। मिग 27 में सवार पायलट सुरक्षित बच गया। घटना के बाद एयरफोर्स ने चारों तरफ के एरिये को कवर कर सुरक्षित कर दिया। मौके पर पहुंचे जिला पुलिस अधीक्षक राहुल बारहठ ने घटना के बारे में जानकारी देते हुए इससे हुए नुकसान के बारे में बताया।
मिग 27 दुर्घटनाग्रस्त होने से बांद्रा गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना की सूचना जैसे ही ग्रामीणों को लगी, तो भारी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्रित हो गए। वहीं मौके पर एयरफोर्स के अधिकारी मौके की स्थिति का जायजा लेकर घटना के कारणों की तलाश में जुट गए। हालांकि इस क्षेत्र में मिग विमान हादसा होना नई बात नहीं है, इस तरह के हादसे पूर्व में भी हो चुके है। लेकिन उडऩ ताबूत कहे जाने वाले मिग के कई विमानों को अपडेट करने की अभी तक कोई भी पहल नहीं की गई है।
बाड़मेर से दुर्गसिंह राजपुरोहित की रिपोर्ट.