दैनिक भास्कर अखबार से खबर है कि दिल्ली के कनाट प्लेस में जो अखबार का एक विशेष आफिस खोला गया था, उसे अब बंद कर दिया गया है. यहां कार्यरत करीब दर्जन भर पत्रकारों को नौकरी से निकाल दिया गया है. सूत्रों के मुताबिक निकाले गए लोगों में कई लोग फीचर पेजों से संबद्ध थे और कई लोग रोहित शरण की टीम के थे जिन्हें रोहित शरण अपने समय में काफी सेलरी पर दूसरे अंग्रेजी अखबारों से लेकर आए थे.
भास्कर प्रबंधन की यह नीति है कि अंग्रेजी अखबारों से पत्रकारों को गाजे-बाजे और हाई-फाई सेलरी के साथ ले आओ और कुछ समय बाद ही उन्हें निपटा दो. यतीश राजावत और रोहित शरण इसके प्रत्यक्ष उदाहरण हैं. रोहित शरण के आने के बाद कनाट प्लेस पर आफिस खोला गया और कई पत्रकारों को यहां लाया गया.
फीचर पेजों का काम भी यहां लाया गया. इन पेजों से जुड़े पत्रकारों का भी यहां ट्रांसफर कर दिया गया. अब सूचना है कि सभी को निकाल बाहर किया गया है. फीचर पेजेज को दिल्ली से शिफ्ट कर दिया गया है. इस छंटनी और आफिस बंदी के बारे में आधिकारिक जानकारी नहीं मिल पाई है. अगर आपको कुछ पता हो तो [email protected] पर मेल भेज दें. (कानाफूसी)





