नई दिल्ली: सेबी के निर्देश के मुताबिक सहारा ग्रुप के चैयरमेन सुब्रतो रॉय के साथ ही कंपनी के 3 बड़े अधिकारियों के भी खाते भी फ्रीज होंगे। इन खातों में उसकी चल और अचल संत्तियां दोनों शामिल रहेंगी। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने जिन संपत्तियों को कुर्क करने का आदेश दिया है, उसमें सहारा समूह की कंपनी आंबी वैली की जमीन शामिल है। पुणे के समीप आंबी वैली परियोजना में रिजार्ट विलेज स्थापित किया गया है। इसमें दिल्ली, गुड़गांव, मुंबई तथा देश के विभिन्न स्थानों पर समूह की परियोजनाओं के विकास के अधिकार भी शामिल हैं।
इसके अलावा सेबी ने आंबी वैली में इक्विटी शेयर, म्यूचुअल फंड, बैंक तथा डिमैट खातों तथा सभी बैंकों की शाखाओं में जमा पैसे को जब्त करने का भी आदेश दिया है। सेबी ने सभी बैंकों से उन खातों में जब्त जमा राशि सेबी-सहारा रिफंड खाते में हस्तांरित करने को कहा है। जिन अधिकारियों के बैंक खातों पर रोक और संपत्ति की कुर्की के आदेश दिए गए हैं, उनमें सुब्रत राय और निदेशक वंदना भार्गव, रवि शंकर दुबे तथा अशोक राय चौधरी शामिल हैं। फैसला तत्काल प्रभाव से लागू करने का आदेश है।
सेबी ने शीर्ष अधिकारियों को 21 दिन के अंदर अपनी सभी चल और अचल संपत्ति का ब्योरा जमा करने को कहा है और इसी अवधि में वे उनकी बेच-खरीद नहीं कर सकते हैं और न ही उन पर कोई कर्ज ले सकते हैं। बाजार नियामक के आदेश में
दोनों कंपनियों को भी निर्देश है कि वे अपनी किसी भी संपत्ति का किसी भी तरीके से अब कोई सौदा न करे। इन कंपनियों को भी चल और अचल संपत्ति की सूची जमा करने के लिए 21 दिन का मौका दिया गया है। सेबी ने कहा कि उसने रिजर्व बैंक तथा प्रवर्तन निदेशालय को इस कार्रवाई की सूचना दे दी है।
नियामक ने कहा है कि वह सहारा समूह की अन्य कंपनियों, किसी विशेष प्रायोजन कंपनी और पार्टनरशिप फर्म में इन दोनों कंपनियों (एसआईआरईसीएल और एसएचआईसीएल) के निवेश का पूरा ब्योरा प्राप्त होने के बाद जब्त संपत्ति की बिक्री का आदेश उचित समय पर करेगा। सेबी के दोनों आदेश 160 पृष्ठों के हैं। दोनों आदेशों पर सहारा से टिप्पणी मांगी गई थी लेकिन कंपनी की तरफ से अब तक कोई जवाब नहीं आया।
उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट ने राय को 24 हजार करोड़ जमा करवाने को कहा था जिसे वो जमा नहीं करवा पाए थे। सेबी ने यह भी आदेश दिया है कि सहारा ग्रुप के चैयरमेन सुब्रतो रॉय और अन्य 3 की तमाम चल और अचल संपत्तियां अटैच की जाएं। सुप्रीम कोर्ट ने गत माह सहारा ग्रुप की पुनर्विचार याचिका खारिज कर दी थी। सहारा ने निवेशकों का 24 हजार करोड़ रुपए लौटाने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर पुनर्विचार करने के लिए याचिका दायर की थी। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दे रखा है कि सहारा ग्रुप निवेशकों के 24 हजार करोड़ 15 फीसदी ब्याज के साथ लौटाए।
सेबी ने सहारा हाउसिंग इनवेस्टमेंट कारपोरेशन लि़ (एसएचआईसीएल) और सहारा इंडिया रीयल एस्टेट कारपोरेशन लि़ (एसआईआरईसीएल) के खिलाफ दो अलग-अलग आदेश जारी करते हुए कहा कि इन कंपनियों ने बांडधारकों से क्रमश: 6380 करोड़ रुपये तथा 19,400 करोड़ रुपये जुटाए थे। धन जुटाने में अनेक अनियमितताएं बरती गईं। सेबी ने आज अपने आदेश में कहा कि इनमें से किसी कंपनी ने बाकी की किस्तें नहीं जमा कराई हैं इसलिए उसे न्यायालय के आदेशानुसार यह कार्रवाई करनी पड़ी है।
संबंधित अन्य खबरें–
सहाराश्री की चल-अचल संपत्ति जब्त करने के निर्देश
सहारा समूह के सौ से ज्यादा बैंक एकाउंट व संपत्ति फ्रीज





