जगदलपुर। बस्तर के सुकमा जिले में हुई पत्रकार नेमीचंद जैन की हत्या में अपना हाथ होने से नक्सलियों ने इनकार किया है. उन्होंने कूकानार व तोंगपाल क्षेत्र में पर्चा फेंककर कहा है कि इस हत्या में उनका हाथ नहीं है. पर्चा मिलने के बाद आशंका जताई जा रही है कि टीन तस्करों ने इस हत्या की घटना को अंजाम दिया है. पत्रकार की हत्या के बाद से इलाके में हड़कम्प है. डीजीपी रामनिवास ने इस मामले की जांच का जिम्मा सुकमा एसपी अभिषेक शांडिल्य को सौंपा है. उन्हें जांच जल्द से जल्द पूरी करके रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है.
गौरतलब है कि पत्रकार नेमीचंद की मंगलवार रात लेदा गांव के घुरवापारा चौराहे पर गला रेतकर हत्या कर दी गई थी. इस घटना में नक्सलियों का हाथ होने की आशंका पुलिस ने जताई थी. लेकिन नक्सलियों ने क्षेत्र में पर्चा फेंककर इस हत्या कांड में किसी भी तरह का हाथ होने से इनकार किया है, जिसके बाद अब जांच की दिशा बदल गई है. पुलिस नक्सलियों की बात को सच मान नही है क्योंकि नक्सली अपने द्वारा की गई किसी भी वारदात को खुलकर स्वीकार करते रहे हैं.
बताया जा रहा है कि जैन क्षेत्र में टिन की बढ़ती तस्करी के खिलाफ अक्सर अपनी कलम चलाते रहते थे. इसके चलते तस्करों का काम प्रभावित हो रहा था. बताया जा रहा है कि तस्कर उनसे नाराज रहते थे. इसलिए वे हमेशा टीन तस्करों के निशाने पर रहे. इसलिए पुलिस आशंका जता रही है कि इस घटना को अगर नक्सलियों ने अंजाम नहीं दिया है तो इसमें टीन तस्करों का हाथ हो सकता है. इसलिए जांच की दिशा अब इसी तरफ मुड़ गई है. पुलिस नेमीचंद के मोबाइल का कॉल डिटेल खंगाल रही है. पुलिस को भरोसा है कि कॉल डिटेल मिलने के बाद घटना को सुलझाने में मदद मिलेगी.





