आखिर गाजीपुर के जिलाधिकारी प्रभु नारायण जी हटा ही दिये गये। वे विशेष रूप से समाजवादी पार्टी के नेताओं व जनप्रतिनिधियों को खटकते थे। एक अच्छा प्रयास किया उन्होंने। सबकी बात ध्यान से सुनना, उचित समाधान करना उनके स्वभाव व कार्य शैली का हिस्सा था। यह सही है कि जिस प्रकार का सिस्टम बिगड़ा हुआ है, वे बहुत कुछ कर भी नहीं पाये।
मैंने ही उन्हें सैकडों मामले लोक हित का सौंपा, लिखित, मेल व फेसबुक के माध्यम से किन्तु अल्प निराकरण ही हो पाया। मामले भी वही नेत्रहीन, विकलांग व असहाय लोगों के। मध्याह्न भोजन के घोटालेबाजों पर भी कोई कार्यवाही नहीं कर पाये आदि आदि। किन्तु सबके बावजूद जिलाधिकारी अच्छे थे। श्री प्रभु नारायण जी को शिक्षा माफिओं पर नकेल कसने, फर्जी शिक्षकों को बाहर का रास्ता दिखाने के ठोस प्रयास, कुछ हद तक करेप्शन रोकने आदि के लिये जाना जायेगा।
गाजीपुर के आम आदमी पार्टी के नेता और सोशल एक्टिविस्ट Braj Bhushan Dubey के फेसबुक वॉल से.





