महराजगंज जिले में एक सनसनी खेज मामला प्रकाश में आया है कि जहां मनरेगा मजदूरों की मजदूरी सप्ताह भर के अंदर ही पेमेंन्ट हो जाने का आदेश है वहीं एक वर्ष बीत जाने के बाद भी अभी मजदूरों की मजदूरी प्राप्त नहीं हुई है। लिहाजा मजदूर जिला न्यायालय में वाद दाखिल किये हैं। जिसमें भूमि संरक्षण अधिकारी एवं अवर अभियन्ता भूमि संरक्षण, परियोजना निदेशक जिला ग्राम्य विकास अभिकरण एवं मुख्य विकास अधिकारी को पार्टी बना न्यायालय ने नोटिस जारी की है।
जानकारी के अनुसार भूमि संरक्षण एवं जल संसाधन विभाग ने निचलौल ब्लाक स्थित ग्राम सभा कटका में तथा ग्राम सभा सोहगौरा में जंगल के किनारे बैण्ड का निर्माण कराया। वहीं दूसरी तरफ ग्राम सभा कटका में चिथरी नाले का सफाई मजदूरों द्वारा करायी गयी। लगभग दोनों कार्यों में 500 लोग मिलकर एक महीने तक काम किये। मजदूरी मांगने पर विभाग के अधिकारियों ने आज कल का हवाला दिया। पुनः जिले में मनरेगा का धन न होने का बहाना बनाकर टाल दिया गया। तत्कालीन जिलाधिकारी प्रांजल यादव के समीप लबरों ने धरना प्रदर्शन भी किया। अन्ततः मामला टाय-टाय फिस्स रहा। पुनः भूमि संरक्षण विभाग के अवर अभियन्ता बच्चाराम यादव ने मजदूरों से कमीशन मांगने लगे। मामला बिगड़ते-बिगड़ते एक वर्ष हो गया। अन्ततः थक, हारकर मजदूर जिला न्यायालय के मनरेगा सेल में दावा दाखिल किये जिस पर न्यायधीश ने चार अधिकारियों के खिलाफ सम्मन जारी कर दिया।
इस प्रकरण पर मुख्य विकास अधिकारी डा. बेदपति मिश्रा ने बताया कि भूमि संरक्षण के अवर अभियन्ता के चलते मजदूरों की मजदूरी नहीं दी गयी। अवर अभियन्ता को तत्काल निलंबित कर दिया जायेगा तथा मजदूरी दे दी जायेगी।
महराजगंज से ज्ञानेन्द्र त्रिपाठी की रिपोर्ट.





