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उत्तराखंड

तीरथ का कुमाऊं दौरा : कब तब जारी रहेगा ”फील गुड”?

नैनीताल। भाजपा के नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष तीरथ सिंह रावत को उनका कुमाऊं दौरा "फील गुड" और साथ ही आसन्न संगठन विस्तार से लेकर निकाय, पंचायत व लोक सभा चुनावों में पार्टी प्रत्याशियों की बाबत ''फीड बैक" भी दे गया है। इस "फील गुड" के कारक भी इसी "फीड बैक" में छुपे हुए हैं। पार्टी कार्यकर्ताओं ने नए अध्यक्ष के समक्ष अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं के लिए अपनी गुटीय निष्ठाओं को दरकिनार कर जिस तरह पलक पांवड़े बिछाए, उससे ''फील गुड इफेक्ट" के साथ ही संगठन विस्तार व आगामी चुनावों के लिए ''फीड बैक" भी लेकर तीरथ कुमाऊं से लौटे हैं।

नैनीताल। भाजपा के नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष तीरथ सिंह रावत को उनका कुमाऊं दौरा "फील गुड" और साथ ही आसन्न संगठन विस्तार से लेकर निकाय, पंचायत व लोक सभा चुनावों में पार्टी प्रत्याशियों की बाबत ''फीड बैक" भी दे गया है। इस "फील गुड" के कारक भी इसी "फीड बैक" में छुपे हुए हैं। पार्टी कार्यकर्ताओं ने नए अध्यक्ष के समक्ष अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं के लिए अपनी गुटीय निष्ठाओं को दरकिनार कर जिस तरह पलक पांवड़े बिछाए, उससे ''फील गुड इफेक्ट" के साथ ही संगठन विस्तार व आगामी चुनावों के लिए ''फीड बैक" भी लेकर तीरथ कुमाऊं से लौटे हैं।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के रूप में तीरथ ने अपनी नई राजनीतिक पारी की शुरुआत उस कुमाऊं मंडल से की, जिसे उनकी ताजपोशी के विरोधी रहे गुट का प्रभाव क्षेत्र माना जाता है। उनकी ताजपोशी से पहले चरम पर पहुंचा राज्य के ''थ्री जी" गुटों का आपसी विवाद और उनके दौरे से ठीक एक दिन पहले हल्द्वानी में भी दो पूर्व दर्जा प्राप्त मंत्रियों के विवाद के साथ पुलिस थाने तक भी जा पहुंचा था। इसके बावजूद तीरथ का कुमाऊं में आगमन हुआ तो जसपुर में मंडल की सीमा में प्रवेश से लेकर काशीपुर, बाजपुर, दिनेशपुर, रुद्रपुर, हल्द्वानी, भीमताल, भवाली, कालाढूंगी और रामनगर तक विरोधी बताए जाने वाले गुटीय नेताओं के साथ छपे उनके विशालकाय होर्डिग, पोस्टर देखकर तीरथ ने भी कहा कि वह ''निर्गुट" नेता हैं।

दरअसल उनके ''दिल खोल" स्वागत के पीछे आसन्न परिस्थितियां हैं। पार्टी की जिला इकाइयों के विस्तार के साथ ही भाजयुमो जैसी आनुषांगिक इकाइयों व प्रकोष्ठों का जल्द गठन होना है। निकाय और पंचायत चुनाव मुंह बाये खड़े हैं तो लोस चुनाव भी दूर नहीं हैं। ऐसे में नैनीताल-ऊधमसिंहनगर जिले की संसदीय सीट के दो दावेदारों बच्‍ची सिंह रावत व बलराज पासी से लेकर कई पूर्व दर्जाप्राप्त मंत्री तथा पार्टी के पूर्व व निवर्तमान पदाधिकारी उनके स्वागत में पोस्टरों के तोरणद्वार सजाते हुए वास्तव में ''मुंह दिखाई" की प्रतिस्पर्धा करने को मजबूर रहे। इस कोशिश में अनेक ''राजनीतिज्ञों" ने तो अपनी मजबूत बताई जाने वाली गुटीय निष्ठा भी ताक पर रखने से गुरेज नहीं किया। तीरथ बृहस्पतिवार को नैनीताल क्लब में ''राष्ट्रीय सहारा" से एक खास भेंट में इस ''फील गुड" से खासे उत्साहित दिखे। उन्होंने कहा कि उनकी कोशिश इस जोश को बरकरार रखने की रहेगी। उनकी पार्टी कार्यकर्ताओं की पार्टी है।

कोश्यारी के गढ़ में सेंध लगाने में रहे सफल

नैनीताल। भाजपा के दिग्गज नेता भगत सिंह कोश्यारी के गढ़ में तीन दिवसीय दौरे के माध्यम से सेंध लगाकर कोश्यारी को अलग-थलग करने की योजना आखिर परवान चढ़ ही गई। संगठन में प्रदेश अध्यक्ष के मुद्दे पर इन दिनों पार्टी से खफा भगत सिंह कोश्यारी के गढ़ में नये अध्यक्ष का दौरा सफल कराकर पार्टी कोश्यारी को जो संकेत देना चाहती थी, उसमें पार्टी के रणनीतिकार सफल रहे। पूरे दौर के दौरान जिस प्रकार से पार्टी ने पूर्व केंद्रीय मंत्री बची सिंह रावत, पूर्व अध्यक्ष पूरन शर्मा, पूर्व मंत्री बंशीधर भगत जैसे दिग्गजों को दौरे की कमान देकर प्रदेश अध्यक्ष का दौरा सफल कराया है, उससे कोश्यारी खेमे को संकेत मिल गया है कि फिलहाल संगठन पर खंडूड़ी व निशंक खेमा ही हावी रहेगा।

संगठन विस्तार प्रांतीय परिषद की बैठक तक

नैनीताल। तीरथ ने कहा कि आगामी 16-17 मार्च को आयोजित होने जा रही प्रांतीय परिषद की बैठक तक संगठन का विस्तार कर लेंगे। उन्होंने कहा कि संगठन में युवाओं को स्थान देना उनकी प्राथमिकता में होगा। महिलाओं को भी खास तरजीह दी जाएगी। साथ ही अनुसूचित जाति सहित सभी जातियों, वर्गों, समाज के लोगों को संगठन में स्थान देकर पार्टी सर्वग्राही, सर्वस्पर्शी व सर्वव्यापी स्वरूप प्रदर्शित करेगी। हालांकि एक प्रश्न के जवाब में उन्होंने स्वीकारा कि उनकी ''राष्ट्रीय सोच" वाली कही जाने वाली पार्टी में राष्ट्रीय सोच दिखाई नहीं देती है। क्षेत्र व जाति के समीकरणों के आधार पर पद मिलते हैं। साथ ही उन्होंने आश्वस्त किया कि वह पार्टी के प्रति आस्थावान एवं कार्य क्षमतायुक्त लोगों को ही जिम्मेदारियां देंगे। उन्होंने राज्य सरकार पर गैरसैंण पर राजनीतिक ढकोसला करने का आरोप लगाते हुए गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित करने की मांग की। उन्होंने प्रदेश सरकार पर अपने मंत्रियों को विदेश यात्रा कराकर व अन्य तरीकों से खुश कर केवल स्वयं को बचाने और जनता की ओर पीठ फेर लेने का आरोप भी लगाया।

हां, लोक सभा का दावेदार हूं : बचदा

नैनीताल। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व पूर्व केंद्रीय मंत्री रहे बच्‍ची सिंह रावत ''बचदा" के साथ ही पूर्व सांसद बलराज पासी लगातार साथ रहे। बचदा पिछली बार नैनीताल सीट से लोक सभा का चुनाव लड़कर हार चुके हैं, जबकि बलराज के नाम एनडी तिवारी को हराने का रिकार्ड दर्ज है। हालांकि इस सीट से अब तक पूर्व सीएम भगत सिंह कोश्यारी के चुनाव लड़ने की संभावनाएं सर्वाधिक बताई जा रही थीं, लेकिन बदले हालात में बचदा और बलराज मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं। बचदा ने बृहस्पतिवार को इशारों में कहा भी कि उनका स्वाभाविक दावा है। साथ ही वह यह कहने से भी नहीं भूले कि तीरथ में संगठन को लेकर अपार संभावनाएं हैं। उनकी कार्यक्षमता को वह अपने प्रदेशाध्यक्ष के कार्यकाल के दौरान प्रदेश महामंत्री के रूप में देख चुके हैं।

उत्‍तराखंड से नवीन जोशी की रिपोर्ट.

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