नई दिल्ली: आम लोगों की बात रखने के बड़े मंच बने सोशल नेटवर्किंग साइट अब सरकार को खटकने लगा है. अन्ना आंदोलन में इन सोशल नेटवर्कों का असर देख चुकी सरकार अब इस पर चाबुक चलाने की तैयारी कर रही है. भारत सरकार ने गूगल और फेसबुक जैसी तमाम इंटरनेट कंपनियों से अपनी सोशल नेटवर्किंग साइटों के भारतीय यूजर्स के कंटेंट पर निगरानी रखने और आपत्तिजनक सामग्री का इस्तेमाल रोकने को कहा है. सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के बारे में किए जा रहे भड़काऊ पोस्ट से सरकार बेहद नाराज है.
संचार मंत्री कपिल सिब्बल ने कहा है कि मनमोहन सिंह, सोनिया गांधी और धार्मिक हस्तियों के खिलाफ भड़काऊ बातें नहीं चलेंगी. सिब्बल ने फेसबुक, गूगल, याहू और माइक्रोसॉफ्ट को यह चेतावनी दी है. इन चारों बड़ी कंपनियों के अफसरों को अपने दफ्तर में बुलाकर केंद्रीय संचार मंत्री कपिल सिब्बल ने घुट्टी पिलाई. सिब्बल ने कहा कि यह चारों कंपनियां अपनी वेबसाइट से प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और सोनिया गांधी के बारे में लिखी जा रही आपत्तिजनक बातों का पता लगाएं और उन्हें फौरन हटाएं.
कपिल सिब्बल प्रधानमंत्री और सोनिया गांधी के बारे में सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट्स पर लिखी जा रही बातों से खासे नाराज हैं. करीब छह हफ्ते पहले भी उन्होंने फेसबुक और इंटरनेट सर्विस देने वाली कंपनियों के वकीलों को अपने दफ्तर में बुलाकर उन्हें समझाया था. लेकिन लगता है कि तब की बातों का भी कोई असर नहीं पड़ा. सिब्बल ने इन कंपनियों के सामने मांग रखी कि आपत्तिजनक बातों पर नजर रखने और उन्हें हटाने के लिए यह तकनीक पर निर्भर न रहें बल्कि इस काम पर लोगों को लगाएं. करीब छह हफ्ते पहले भी सिब्बल ने प्रमुख इंटरनेट कंपनियों के विधि प्रतिनिधियों को अपने कार्यालय में तलब किया था. उस बैठक के दौरान सिब्बल ने प्रतिनिधियों को फेसबुक का एक वेब पेज दिखाते हुए कहा था कि यह सब स्वीकार्य नहीं है. दरअसल इस पेज में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के बारे में टिप्पणी की गई थी. दूरसंचार मंत्री ने प्रतिनिधियों से उनकी साइट पर डाले जाने वाले कंटेंट की निगरानी का रास्ता खोजने को कहा था.
लेकिन इन कंपनियों का कहना है कि ऐसा करना संभव नहीं है. क्योंकि भारत से सोशल साइटों पर काफी लोग आते हैं और यह तय करना काफी मुश्किल है कि क्या आपत्तिजनक है और क्या नहीं. एक अंग्रेजी अखबार के मुताबिक सिब्बल की नाराजगी इन कंपनियों के अफसरों से मुलाकात के बाद और बढ़ गई है. क्योंकि इस मुलाकात के ठीक बाद अमेरिकी दूतावास से फोन कर इस मीटिंग पर नाखुशी जाहिर की गई. वैसे भी देश में करीब ढाई करोड़ लोग फेसबुक और 10 करोड़ लोग गूगल का इस्तेमाल करते हैं.





