रायपुर। रायपुर प्रेसक्लब का चुनाव 23 अक्टूबर 2011 को सम्पन्न हुआ। चुनाव हुये अभी एक महीना ही बीता है कि यहां पदाधिकारियों में आपस में मनमुटाव और मतभेद शुरु हो गया है। पदाधिकारियों ने अध्यक्ष बृजेश चौबे पर मनमानी करने का आरोप लगाया है। सोमवार को कार्यकारिणी का विस्तार किया गया। अध्यक्ष बृजेश चौबे ने अन्य पदाधिकारियों से बिना पूछे मनमाने ढंग से कार्यकारणी बना दिया। इसी बात को लेकर कोषाध्यक्ष सुकांत राजपूत ने प्रेस क्लब में अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
सूत्रों का यह भी कहना है कि सुकांत ने यह भी आरोप लगाया है कि अध्यक्ष ने खेल गतिविधियों में भी उनकी सलाह नहीं मानी। अध्यक्ष चौबे ने यह आदेश जारी किया है कि जो प्रेस क्लब के सदस्य नहीं हैं वे क्लब की खेल गतिविधियों में हिस्सा नही ले सकेंगे। सुकांत का कहना है कि हम सदस्यों को कौन सा प्लाट या जमीन बांट रहे हैं, सिर्फ खेल ही तो उन्हें खेलना है जो सभी पत्रकारों को प्रेस क्लब की खेल प्रतियोगिता में हिस्सा लेने दिया जाये। कहते हैं सुकांत की सलाह को बृजेश ने अनसुना कर दिया और इन्हीं नाराजगी को लेकर कोषाध्यक्ष सुकांत राजपूत ने पद से इस्तीफा दे दिया है। ज्ञातव्य है कि सुकांत विरोधी पैनल से जीत कर आये हैं।
आमदनी से ज्यादा खर्च करने का भी अध्यक्ष पर आरोप लगाया जा रहा है। चुनाव जीतने की ठीक कुछ दिन बाद बृजेश ने प्रेस क्लब में एक भोज का आयोजन किया था, जिसमें शहर के सभी वर्गो के लोगों को आमंत्रित किया गया। यह आयोजन सिर्फ यह जताने के लिये किया गया था कि अब प्रेस क्लब में वे (बृजेश चौबे) अध्यक्ष हैं। भोज का बिल (करीब चालीस हजार) रुपया जनसंपर्क कार्यालय को भेजा गया है। पत्रकारों को बेवजह खाना खिलाने का बिल सरकार क्यों दे? इसीलिये जनसंपर्क विभाग ने यह बिल रोक दिया है। इस संदर्भ में कोषाध्यक्ष सुकांत राजपूत से बात करने की कोशिश की गई परन्तु उनका फोन काल डाइवर्ट बताता रहा।






