: मीडियाकर्मियों ने किया बहिष्कार : देवरिया में भाटपाररानी विधान सभा उपचुनाव की मतगणना का कवरेज करने गए मीडिया कर्मियों को पास होने के बावजूद सुरक्षा कर्मियों ने मतगणना स्थल से बाहर खदेड़ दिया। एक प्रशासनिक अधिकारी ने भी पत्रकारों से अभद्रता की, जिसको लेकर मीडियाकर्मियों से उसकी तीखी नोंकझोंक हुई। पत्रकारों ने मौके पर फोन से चुनाव आयुक्त को शिकायत दर्ज कराई तथा प्रशासनिक व्यवस्था का बहिष्कार करते हुए बाहर सड़क से ही सूचनाएं जुटाईं।
आधे चक्र की मतगणना समाप्ति के बाद अधिकारियों की ओर से पत्रकारों के मान-मनौव्वल का दौर भी चला। मतगणना को लेकर इस दौरान मतगणना की शुचिता को लेकर प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठते रहे। उपचुनाव में मतदान व मतगणना के लिए प्रशासन ने डेढ़ सौ से अधिक पत्रकारों को पास जारी किए थे। मतदान सकुशल संपन्न हुआ, लेकिन मतगणना के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने अपनी मनमानी शुरू कर दी।
एसएसबीएल इंटर कालेज में सुबह आठ बजे मतगणना का कार्य शुरू हुआ। कवरेज के लिए पासधारी पत्रकार भी पहुंचे। कुछ छायाकार कैमरे के साथ अंदर दाखिल हुए, तो पुलिस कर्मियों ने उन्हें बाहर निकाल दिया। डीएम का फरमान हुआ कि कोई भी पत्रकार मतगणना स्थल तक नहीं जाएगा। इसके बाद सुरक्षा कर्मियों ने मोर्चा संभाल लिया। पत्रकारों तथा छायाकारों ने इसका विरोध किया, तो एक प्रशासनिक अधिकारी ने उनसे अभद्रता तक दी। पत्रकारों को मतगणना स्थल के लिए प्रवेश नहीं दिया गया। नाराज पत्रकारों ने चुनाव आयुक्त से मामले की शिकायत की। मतगणना का 12वां दौर समाप्त हो जाने के बाद एसडीएम के बाद एडीएम व सीडीओ और अंत में डीएम और एसपी ने बाहर निकल कर मान-मनौव्वल शुरू किया, जिस पर पत्रकारों ने प्रशासन का बहिष्कार किया।
देखना यह है कि चुनाव आयुक्त इस मामले में कया कार्रवाई करते हैं। उधर भाटपाररानी विधान सभा उपचुनाव की मतगणना के बाद गुरुवार अपराह्न भासपा समर्थित निर्दल उम्मीदवार सभाकुंवर कुशवाहा ने जिला प्रशासन पर लोकतंत्र का गला घोंटने का आरोप लगाते हुए सुभाष चौक पर धरना शुरू कर दिया। मतगणना समाप्ति के बाद मौके पर पहुंचे एसडीएम सदर दिनेश कुमार को ज्ञापन सौंपा। केंद्रीय चुनाव आयुक्त को भेजे ज्ञापन में श्री कुशवाहा ने कहा कि सपा प्रत्याशी के पक्ष में चुनाव परिणाम को प्रभावित करने के लिए बड़े पैमाने पर धांधली की गई है। कई ईवीएम के सील टूटे पाए गए। धांधली को छिपाने के लिए मतगणना टेबल पर सीसीटीवी कैमरे तक नहीं लगाए गए। एजेंटों को ईवीएम का डिस्प्ले तक नहीं दिखाया गया। इसी के चलते प्रशासन ने मीडिया कर्मियों को मतगणना स्थल पर नहीं जाने दिया। मतदान के दिन पड़े वोटो के अनुसार ईवीएम में कम वोट दिखाए गए। उन्होंने मांग की कि विधान सभा चुनाव परिणाम को शून्य कर दोबारा आयुक्त की मौजूदगी में चुनाव कराया जाए। लोगो का आरोप है कि धांधली करने के लिए ही पत्रकारों को बाहर किया गया।