कुदरत का अजूबा… गाजीपुर के दिलदारनगर क्षेत्र पेड़ों के उपर पेड़ लोगों के लिए बना हैरत का कारण। क्षेत्र में पकड़ी और पीपल के कई विशाल वृक्षों पर 20 से 30 फिट उंचे ताड़ के पेड़ कुदरत के अजूबे को दिखला रहे हैं। पचासों सालों से खड़े ये पेड़ बरबस ही लोगों को अपनी ओर खींच लेते हैं। जहां स्थानीय आज तक इसे प्रकृति का चमत्कार मान रहे थे वही अब विशेषज्ञों की इस पर अपनी अलग राय है। कुदरत का चमत्कार बना हुआ है हैरानी का कारण। जिले के दिलदारनगर क्षेत्र में एक गांव में कई पीपल और पकड़ी के पेड़ों पर है ताड़ के पेड़। विशाल वृक्षों के ठीक उपर खड़े ताड़ के पेड़ विल्कुल चमम्कारिक दिखाई पड़ते हैं क्योकि इन ताड़ों की जड़ों और जमीन के बीच 20-30की उचाई है। बीना सीधे जमीन के सम्पर्क के हवा में खड़े इन पेड़ों को देख लोग कुदरत का चमत्कार मान रहे है।क्योंकि तीसों फिट के वृक्षों के उपर बीसों फिट का तड़ का पेड़ अजब ही है।
लोग भले ही सालों से इसे कुदरत का अजूबा मान रहे हो लेकिन विशेषज्ञ इस स्थिति कि वैज्ञानिक तरीके से सम्भव करार दे रहे है। बल्कि उनका कहना है कि ऐसी ही स्थिति मे आज एक ही वृक्ष पर कई प्रजाति के पेड़ों को उगाया जा रहा है। लेकिन सोचने वाली बात यह है कि यह वैज्ञानिक खोज आज के समय की है जबकि यह पेड़ के उपर पेड़ तो पचासों साल से ऐसे ही हैं। जो चीजें स्थानीय अपने बचपन से देख रहे हैं और कुदरत का अजूबा मान रहे है उसके विषय में आज हो रहे शोध उनकी पूरानी धारणा को बदलने में असमर्थ है। आज भी स्थानीय लोग इन पेड़ों को देखकर अचम्भित हो जाते हैं और इसे कुदरत का अजूबा ही मानते है।





