Mohammad Anas : हथिगवां एसओ मनोज शुक्ला और कुंडा के कोतवाल सर्वेश मिश्र ने सीओ ज़िया उल हक़ से कहा था कि आप जाइये गांव के भीतर… जब आक्रोशित भीड़ उन्हें घेर कर मारने लगी तो पुलिस के ये वीर सिपाही भाग कर शौचालय और पशुबाड़े में छिप जाते हैं… कल से फ़ेसबुक पर इस तरह की कहानी तैर रही है कि सर्वेश मिश्र भी शहीद हुए हैं, ऐसे भगोड़े वर्दी धारियों के लिये सीओ कि बीवी सिर्फ़ इतना कह पा रही है कि ये सब चाह लेते तो मेरा फ़रिश्ता बच जाता, वो कुंडा पीएचसी के बाहर जब रोती हैं तो आस पास खड़े सारे लोग रोने लगते थे, अभी उम्र ही कितनी है सिर्फ़ 27 साल!
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प्रतापगढ़ में राजा भैय्या के तिलिस्म और गुंडा राज के सबसे प्रबल विरोधी वहां के मुसलमान रहे हैं ,पिछली बसपा सरकार में जिला अधिकारी मुहम्मद मुस्तफ़ा होते हैं जो कि राजा से उसके पाप का हिसाब लेते हैं इस बार अस्थान में हुए दंगे के बाद सी ओ के पद पर कुंडा में तैनात हुए जुझारू और निर्भीक परन्तु सरल स्वभाव के ज़िया उल हक़ ना तो राजा के दरबार में हाजिरी लगाने जाते हैं ना ही उसके आतंक के आगे हथियार डालते हैं… पिछले लोक सभा के चुनाव में इलाहाबाद के बाहुबली एवं फ़ूलपुर के पूर्व सांसद अतीक अहमद राजा के किले को चुनौती देते हैं और प्रतापगढ़ के मुसलमान एवं पटेल उन्हें पूरी ताकत से जिताने की कोशिश करते हैं पर यह संभव नही हो पाता…. इन सबके बाद अस्थान को राजा के लोग जला देते हैं… पचास से अधिक घर फूंक दिये जाते हैं… वजह चुनावी रंजिश और दबंग बने रहने की ठसक! अब अगर कोई ये कहे कि डीएसपी ज़िया उल हक़ की हत्या में उनका धर्म अलग करके बात की जाये तो ये सबसे बड़ी मूर्खता होगी… राजा के अब्बा हूजूर पर वैसे ही एक दशक से अधिक समय पहले पूरा मोहल्ला जलाने का आरोप लग चुका है, जो कि सिर्फ़ मुसलमानों का मोहल्ला होता है, किसी दूसरे ग्रह से आये हुए एलियन लोगों का मोहल्ला नहीं…. कुछ सज्जन और भोले भाले टाइप के लोग आयेंगे और कहेंगे आप फ़िर मुसलमान-मुसलमान खेलने लगे तो उनसे अभी ही कहे देता हूँ, ये भारत है, यहां आज भी हिन्दू के घर में मुसलमान के लिये अलग गिलास और मुसलमान के घर में हिन्दू के लिये अलग कटोरी रखी जाती है, ये कोई अमेरिका नही हैं, प्रतापगढ़ है जहां राजा भैय्या जैसा कम्युनल विधायक कई दशक से चुनाव जीत रहा है!
युवा पत्रकार और एक्टिविस्ट मोहम्मद अनस के फेसबुक वॉल से.





