लखनऊ : उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में एक पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) की हत्या के मद्देनजर राज्य के विवादास्पद मंत्री रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया ने आज मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया। राजा भैया के इस्तीफे के बाद अब स्थानीय पुलिस पर कायरता दिखाकर भागने के मामले में कार्यवाही की गई है। इन पुलिसकर्मियों पर डीएसपी पर हमले के वक्त अकेला छोड़कर भागने का आरोप है। कुंडा के थाना इंचार्ज और मारे गए डीएसपी जिया उल हक के गनर समेत तीन पुलिसवालों को सस्पेंड कर दिया गया है। लेकिन राजा भैया के इस्तीफे और भागने वाले पुलिसकर्मियों पर हुई कार्यवाही से डीएसपी जिया उल हक का परिवार संतुष्ट नहीं है। उनकी मांग है कि राजा भैया को गिरफ्तार किया जाए। डीएसपी की पत्नी परवीन आजाद इस मांग को लेकर धरने पर बैठी हैं।
सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से कहा, राजा भैया का इस्तीफा हो गया है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि राजा भैया ने आज सुबह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मुलाकात की और अपना इस्तीफा सौंप दिया। उन्होंने कहा कि राज्यपाल बीएल जोशी ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। अधिकारी की हत्या के मुद्दे पर शोरशराबे के चलते उत्तर प्रदेश विधानसभा 30 मिनट के लिए स्थगित कर दी गई।
प्रतापगढ़ में शनिवार को एक भीड़ ने डीएसपी जिया उल हक को उस समय मार दिया था जब वह जमीन विवाद में एक ग्राम प्रधान की गोली मारकर हत्या कर दिए जाने के बाद वहां गए थे। मृतक अधिकारी की पत्नी ने इस हमले के लिए राजा भैया पर आरोप लगाया है। पुलिस को दी अपनी तहरीर में डीएसपी की पत्नी परवीन आजाद ने कहा, राजा भैया के निर्देश पर नगर पंचायत अध्यक्ष गुलशन यादव, मंत्री के प्रतिनिधि हरिओम श्रीवास्तव, उनके चालक रोहित सिंह और समर्थक गुड्डू सिंह ने मेरे पति पर पहले लाठी-डंडों, छड़ों से हमला किया और फिर उन्हें गोली मार दी। परवीन ने कल कुंडा पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई जहां उनके पति तैनात थे।





