बहुत बुरा हाल है. कोई किसी को नहीं पूछता आजकल के दौर में. हर कोई खुद में परेशान है. लोग उन्हें भी नहीं पूछते जिन्होंने जमाने भर को बहुत कुछ दिया. मुबारक बेगम के गाये गीतों गजलों को कौन नहीं सुनता होगा. पर यह पापुलर सिंगर आजकल बीमार हैं, पैसे के अभाव से मानसिक डिप्रेसन की स्थिति में हैं. मुबारक बेगम की इस हालत के बारे में जानकारी फेसबुक के फ्रेंड खुर्शीद अनवर के एक पोस्ट से मिली. खुर्शीद साहब ने तो साफ साफ लिख दिया कि उनकी औकात दस हजार रुपये देने की है, जो वो दे रहे हैं, लेकिन उन्होंने हम सबसे पूछा है कि हम क्या करने वाले हैं इस महान सिंगर के लिए….
Khurshid Anwar अपने वाल पर लिखते हैं: महान सिंगर मुबारक बेगम आज बदहाल है बदहाल हैं. न सरकार पूछती है न फिल्म इंडस्ट्री. बीमार खुद भी हैं और बेटी भी. अभी मैंने उनसे बात की ..दिल भर आया. हम सब कर्ज़दार हैं उनके. अपनी हैसियत ज्यादा नहीं है. दस हज़ार से ऊपर की नहीं. और आप???
पता है :
Mubarak Begum
Sultanabaad Chiraag Housing Society
Building no.22, first floor
Flat no. c-111, Behram bagh Road
Jogeshwari west, Mumbai-400102..

खुर्शीद भाई के इस पोस्ट को पढ़कर एक अन्य फेसबुकी मित्र ध्रुव गुप्त मुबारक बेगम के गाए कई गीतों का जिक्र करते हुए हमसे आपसे मदद की अपील करते हैं. Dhruv Gupta लिखते हैं: पुरानी हिंदी फिल्मों की बेहतरीन गायिका मुबारक़ बेग़म की रेशमी, सुरीली और उनींदी-सी आवाज़ याद है आपको ? मैं याद दिला देता हूं उनके गाए कुछ कालजयी गीतों की –
कभी तन्हाइयों में भी हमारी याद आएगी – हमारी याद आएगी
वो न आएंगे पलट के उन्हें लाख हम बुलाएं – देवदास
बेमुरव्वत बेवफ़ा बेगानाए दिल आप हैं – सुशीला
नींद उड़ जाए तेरी चैन से सोने वाले – जुआरी
निगाहों से दिल में चले आइएगा – हमीर हठ
कुछ अज़नबी से आप हैं – शगुन
मेरे आंसूओं पे न मुस्कुरा – मेरे मन मितवा
मुझको अपने गले लगा लो ए मेरे हमराही – हमराही
जब इश्क़ कहीं हो जाता है – आरज़ू
वादा हमसे किया दिल किसी को दिया – सरस्वतीचंद्र
मित्र खुर्शीद अकबर के पोस्ट से पता चला है कि पिछले दौर की यह विख्यात गायिका अपने जीवन के सबसे बड़े शारीरिक और आर्थिक संकट से गुज़र रही हैं। हम उनके लिए दुआ करें और यदि मुमकिन है तो उनकी आर्थिक मदद करें। मुबारक बेगम का पता है –
मुबारक बेगम
सुल्तानाबाद चिराग हाउसिंग सोसाइटी
बिल्डिंग नंबर 22, पहली मंज़िल
फ्लैट नंबर सी – 111, बेहराम बाग़ रोड
जागेश्वर वेस्ट, मुंबई – 400102
उपरोक्त दो साथियों ने फेसबुक पर अपने दम पर अभियान छेड़ दिया है. मुबारक बेगम की फोटो के साथ उनकी मदद की अपील इन दोनों लोगों ने अपने साथियों से की है. भड़ास भी इस अभियान में शामिल होते हुए सभी मीडिया वालों से अपील करता है कि वह मुबारक बेगम की मुश्किल हालत के बारे में अपने अपने कलम से अपने अपने अखबारों चैनलों फेसबुक ट्विटर ब्लाग मैग्जीन आदि पर जरूर लिखें और अपने जानने वालों को प्रेरित करें कि वो लोग मुबारक बेगम के लिए कोई कदम उठाए. साथ ही सरकार के लोगों को भी प्रेरित किया जाना चाहिए कि वे मुबारक बेगम के लिए सरकारी मदद व इलाज की पूरी व्यवस्था कराए.
खुर्शीद अनवर ने अपने फेसबुकी मित्रों से कहा- ''मैं अपना चेक भेज चुका . क्या किसी और ने भेजा….????'' इस पर कई लोगों ने मुबारक बेगम के एकाउंट नंबर को मांगा ताकि सीधे पैसे उनके एकाउंट में क्रेडिट किया जा सके. तब खुर्शीद अनवर ने फिर मुबारक बेगम को फोन किया और उनसे उनका एकाउंट नंबर मांगा. मुबारक बेगम का कहना था कि कुरियर से चेक ठीक रहेगा क्योंकि एक दो बार गड़बड़ी हो चुकी है एकाउंट में जमा होने पर. मतलब ये कि मुबारक बेगम अपना बैंक एकाउंट नंबर नहीं देना चाहती और उन्हें शक है कि डायरेक्ट जमा कराने के कारण या उनका एकाउंट नंबर ओपन हो जाने के कारण उनके एकाउंट के साथ गड़बड़ी हो सकती है. उनका साफ कहना है कि जिसे भेजना हो वह कुरियर से उनके नाम का चेक भेज दे.
तो अब हम सभी को यह करना है कि उपर जो अंग्रेजी में मुबारक बेगम का पता लिखा गया है, उस पते पर उनके नाम का चेक कुरियर कर देना चाहिए. ध्यान रखें कि मुबारक बेगम का नाम जब चेक पर लिखें तो उसे यूं लिखे: Mubarak Begum मतलब ये कि बेगम में यू आएगा, ए नहीं. कम से कम हजार रुपये अगर हर गीत-संगीत प्रेमी उन्हें भेजे तो उन्हें भी खुशी महसूस होगी कि आखिर उनके श्रोताओं, प्रशंसकों ने उनके जीवन के आखिरी पड़ाव पर उन्हें भरपूर स्नेह प्यार सपोर्ट दिया.
मुबारक बेग़म को आइए सुनते भी हैं, क्लिक करें- कभी तनहाइयों में हमारी याद आएगी..
यशवंत
एडिटर, भड़ास4मीडिया





