साउथ दिल्ली से ऑन एयर होने वाले 'हरियाणा न्यूज' चैनल की हालत फिर से पतली हो गई है। एक तरफ हरियाणा के पूर्व मंत्री और 'हरियाणा न्यूज़' के मालिक गोपाल कांड़ा जेल में रोटियां तोड़ रहे हैं तो दूसरी तरफ उनके चैनल के कर्मचारियों के सामने भी रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है। चैनल की हालात फिर से दो साल पहले वाले हो गए हैं। जैसे दो साल पहले कई महीने देर से सैलरी आती थी, अब फिर से वही हालात हो गए हैं।
चैनल में सैलरी को लेकर मारामारी हो रही है। हर रोज यहां काम करने वाले कर्मचारी सैलरी को लेकर कामकाज छोड़ने पर आमदा हैं। आर्थिक दिक्कतों के चलते ही इस समूह का 'यूपी न्यूज' भी बंद हो चुका है। सैलरी के संकट से तंग आकर ही 'हरियाणा न्यूज' से कई सीनियरों के अलावा जूनियर कर्मचारी इस्तीफा दे चुके हैं। पहले आउटपुट हेड ने चैनल की इन्हीं कमियों से तंग आकर इस्तीफा दे दिया था, उन्होंने टोटल टीवी ज्वाइन किया था। उनके जाने के बाद चैनल से कई और चेहरे चलते बने।
हाल ही में आसिफ शेख ने हरियाणा न्यूज़ छोडकर टोटल टीवी ज्वाइन किया है। आसिफ यहां एंकर कम वीओ आर्टिस्ट पद पर काम कर रहे थे। आसिफ ने रोहित पुनेठा का इस्तीफा देने के बाद टोटल के टीवी ज्वाइन किया है। इसके अलावा चैनल से कई और नामचीन लोग जाने की तैयारी में हैं। गौरतलब है कि करीब दो साल पहले इस चैनल को गोपाल कांड़ा ने टेक ओवर कर लिया था, जिसके बाद इस चैनल की सेहत में सुधार आया। पुराने लोगों का हिसाब चुकता किया गया और जो कर्मचारी उस वक्त काम कर रहे थे उनकी सैलरी में भी इनक्रीमेंट किया गया।
मार्केट में चैनल की अच्छी स्थिति देखकर मीडिया के कई बड़े चेहरे इससे जुड़े। एक साल तक 'हरियाणा न्यूज' में हालात करीब करीब अच्छे रहे, लेकिन जैसे ही गोपाल कांडा पर मुश्किलें आईं, चैनल में भूचाल आ गया। पहले गोपाल कांड़ा की मंत्री पद वाली कुर्सी गई, फिर गीतिका सुसाइड मामले में उसे जेल हुई। इसके चलते एसटीवी ग्रुप के 'यूपी न्यूज' पर ताला लग गया, उसके बाद अब 'हरियाणा न्यूज' पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। आलम ये है कि जो कर्मचारी यहां से छोड़कर गए हैं उनकी दो दो महीने की सैलरी अभी तक रुकी हुई है। अगले साल या यानी 2014 में लोकसभा चुनाव होने है, ऐसे में अगर इस चैनल के हालात नहीं सुधरे तो इसे डूबने से कोई नहीं बचा सकता है।





