यूपी के गोरखपुर में डिप्टी एसपी विजयशंकर मिश्र की जमकर पिटाई की गई है. पीटने वाले सत्ताधारी समाजवादी पार्टी के करीबी हैं. कुछ लोगों ने बताया कि हमलावर समाजवादी पार्टी के विधि प्रकोष्ट के पदाधिकारी थे. सीओ विजयशंकर मिश्र रेप पीड़िता की गवाही के मामले में कोर्ट गए थे. इस हमले और पिटाई प्रकरण में 9 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. डिप्टी एसपी विजयशंकर प्रतापगढ़ जिले के रहने वाले हैं.
सीओ की पिटाई की खबर को मीडिया ने खूब अंडरप्ले किया. शासन स्तर से सभी मीडिया हाउसों को अघोषित निर्देश था कि इसे ज्यादा तूल ना दिया जाए क्योंकि एक डिप्टी एसपी की हत्या के बाद प्रदेश सरकार की चहुंओर किरकिरी हो रही है. समाचार एजेंसी भाषा की तरफ से भी गोरखपुर सीओ पिटाई प्रकरण की बेहद कमजोर खबर रिलीज की गई है. लखनऊ डेटलाइन से जारी समाचार एजेंसी भाषा की सीओ पिटाई प्रकरण की खबर में कहा गया है कि…
''उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में कुछ वकीलों ने एक वरिष्ठ पुलिस अफसर के साथ कथित रूप से धक्का-मुक्की की। पुलिस महानिरीक्षक (कानून-व्यवस्था) राजकुमार विश्वकर्मा ने आज यहां संवाददाताओं को बताया कि दलित अधिनियम से जुड़े एक मामले में बयान दर्ज करने गये बांसगांव के पुलिस क्षेत्राधिकारी विजय शंकर मिश्र के साथ चार-पांच वकीलों ने धक्का-मुक्की की। उन्होंने बताया कि मिश्र ने कुछ दिन पहले एक जमीन पर कब्जा जमाने जा रहे कुछ वकीलों को रोककर उनके खिलाफ कार्रवाई कर दी थी, जिससे अधिवक्ता नाराज थे।''





