उत्तराखंड में एक मैगजीन के प्रकाशन में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है. खबर है कि इस मामले में 'पर्वतजन' मासिक पत्रिका के संपादक समेत चार लोगों के खिलाफ नेहरू नगर थाने में धोखाधड़ी समेत कई मामले दर्ज कराए गए हैं. पुलिस अब मामले की विस्तार से जांच कर रही है. देहरादून से प्रकाशित होने वाले पर्वतजन पर आरोप लगा कि प्रबंधन इस पत्रिका के एक अंक को दो तरीके से प्रकाशित करता है. एक वो जिसमें विज्ञापन होता है दूसरा बिना विज्ञापन के.
बताया जा रहा है कि इसी तरीके के एक अंक को दो तरीके से प्रकाशित करने की शिकायत देहरादून के पत्रकार अमरेंद्र बिष्ट ने जिलाधिकारी से की. जिलाधिकारी ने इस मामले को संज्ञान में लेते हुए इसकी जांच सिटी मजिस्ट्रेट से कराई. आरोप सही पाए जाने पर अमरेंद्र बिष्ट ने नेहरूनगर थाने में पत्रिका के चार लोगों के खिलाफ शिकायत की, जिसके बाद पुलिस ने इन लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 467 एवं 468 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया.
जिन लोगों पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कराया है उनमें पत्रिका के संपादक शिव प्रसाद सेमवाल, सह संपादक गजेंद्र रावत, संयुक्त संपादक राजकुमार धीमान तथा उप संपादक जगमोहन सिंह पवार का नाम शामिल है. हालांकि खबर है कि जगमोहन सिंह इस पत्रिका से इस्तीफा दे चुके हैं. पुलिस ने गजेंद्र सिंह को हिरासत में भी लिया, परन्तु बाद में उन्हें छोड़ दिया गया. पुलिस अब इस मामले की जांच कर रही है. माना जा रहा है कि जांच पूरी होने के बाद इन लोगों को गिरफ्तार किया जा सकता है.





