फेसबुक पर यत्र तत्र विचरण करते रहने वाले कुछ कार्टून पेश हैं. हल्के-फुल्के से लेकर गंभीर मुद्दों तक पर कार्टून. किस तरह एक पुलिस वाला महिलाओं के साथ घटिया व्यवहार करता है, उसकी बानगी एक कार्टून के जरिए पेश की गई है. गरीबों के लिए जीना कितना मुश्किल है, दो जून की रोटी कमाना कितना मुश्किल है, उसका उदाहरण एक कार्टून में है, जिसमें गरीब परिवार जेल ले जाने की गुहार पुलिस वाले से करता है ताकि दो जून की रोटी तो जेल में मिल जाएगी.
गरीबों के हिस्से के अन्न-धन की लूट के बारे में एक कार्टून केशव का है जो द हिंदू में अखबार में प्रकाशित हो चुका है. कई कार्टून पुराने हैं, मसलन केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार, जसपाल भट्टी की मौत आदि. पर कार्टून हमेशा तरोताजा रहते हैं, अगर पुराने संदर्भों को याद रखें तब. आइए, इन कार्टून्स का आनंद लें…













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