भोपाल। मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार ने दवा माफिया के आगे घुटने टेक दिये हैं। सरकार का स्वास्थ्य विभाग सरकारी अस्पतालों में जिन मनमानी दरों पर दवाएं खरीद रहा है उससे राज्य के खजाने को भारी क्षति पहुंच रही है। जन न्याय दल ने सरकार से एक बार फिर तमिलनाडू ड्रग कार्पोरेशन की दरों पर या नेशनल फार्मास्यूटिकल्स प्राईसिंग अथारिटी (एनपीपीए) की ओर से तय दरों पर दवाएं खरीदने का अनुरोध किया है।
जन न्याय दल के प्रदेश प्रवक्ता आलोक सिंघई ने आज भोपाल में जारी एक बयान में कहा कि राज्य विधानसभा में स्वास्थ्य राज्य मंत्री महेन्द्र हार्डिया की इस स्वीकारोक्ति ने सरकार के सुशासन की पोल खोलकर रख दी है कि सरकार ने दवाओं की दरें तय करने वाली तमिलनाडू ड्रग कार्पोरेशन से अनुबंध समाप्त कर दिया है। श्री हार्डिया ने नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह के सवाल के उत्तर में ये स्वीकार किया है कि अब प्रदेश में तमिलनाडू ड्रग कार्पोरेशन की सूची से तय दरों पर दवाएं नहीं खरीदी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार दवा माफिया के दबाव के आगे झुक गई है। सरकारी अस्पतालों में अब दवाओं की स्ट्रिप पर लिखी दरों पर दवाएं खरीदी जा रहीं हैं। ये दाम दवा के मूल्य से सौ गुना तक अधिक हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार का संपूर्ण स्वास्थ्य सबके लिए नारा केवल ढकोसला है। राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत चलाई जा रही सरदार वल्लभ भाई पटेल निःशुल्क औषधि वितरण योजना को कारगर बनाने के बजाए सरकार के भ्रष्ट अधिकारियों ने इसे दवा माफिया की लूट का अड्डा बना दिया है। जन न्याय दल का आरोप है कि दवा माफिया ने तमिलनाडू ड्रग कार्पोरेशन की दवा दर सूची लागू करने वाले अधिकारियों को हटाने के लिए अनैतिक तरीकों का इस्तेमाल किया है। सरकार ये सब जानते बूझते हुए भी इस ओर से आंखें मूंदे बैठी है। जिन भ्रष्ट अधिकारियों ने इस दवा खरीदी घोटाले की रूपरेखा तैयार की है सरकार उन्हें बचा रही है। जन न्याय दल ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से अनुरोध किया है कि वे इस मामले में हस्तक्षेप करें ताकि जनता को सस्ती दरों पर ज्यादा गुणवत्ता युक्त दवाएं सहजता से उपलब्ध हो सकें।
आलोक सिंघई
प्रदेश प्रवक्ता जन न्याय दल





