परम आदरणीय न्यूज एजेंसी एनएनआईएस के सारे सम्मानित कर्णधार महोदयगण, शुभ संध्या के साथ आनेवाली होली की दर्दभरी शुभकामनायें, एक प्रसिद्ध कहावत है कि सब्र का फल मीठा होता है, परन्तु यहाँ तो सब्र के फल में आप लोगों के द्वारा कीड़े लगा दिए गये हैं, तो मिठास कहाँ से आएगी. होली सिर पर है, लेकिन अभी तक एक साल से फूटी कौड़ी भी नसीब नहीं हुई क्योंकि आप लोग अपना ही पेट भरने में लगे हुए हैं.
अब बीबी और बच्चों को समझाने के लिए कोई बहाना भी नहीं बच गया क्योंकि आप लोगों ने उस लायक भी नहीं छोड़ा. त्यौहार के इस मौसम में बच्चों एवं बीबी की हाय न लें. यह आप भी जानते हैं कि ऊपर वाले के घर सारे हिसाब-किताब होते हैं. उनकी लाठी से डरिये, कृपया कर बिल के अनुसार ईमानदारी से भुगतान करें ताकि पावन पर्व होली प्रसन्ता पूर्वक मनाया जा सके.
असीम वेदना एवं कराहते हृदय के साथ…
आपका ही….
एक रिपोर्टर,
बिहार
आदरणीय,
यशवंत जी, उपरोक्त पत्र मैंने न्यूज़ एजेंसी (एनएनआईएस) के सभी वरिष्ठों को भेजी है. इस पत्र में लिखे भाव को आप बखूबी समझ सकते हैं… यह स्थिति सिर्फ औरंगाबाद की नहीं बल्कि पूरे बिहार की है… आपको यह पत्र इस उमीद से भेज रहा हूं कि मेरा नाम गुप्त रखते हुए हमारी ब्यथा को भड़ास4 मीडिया में पोस्ट के रूप में प्रकाशित करेंगे ताकि चैनलों की सच्चाई लोगों के सामने आ सके. यह चैनल पूर्व में भी कईयों को धोखा दे चूका है और चैनल द्वारा बार-बार नयी टीम बनाकर नए लोगों को रिपोर्टर के रूप में जोड़कर उनके साथ धोखेबाजी कर चुका है…
इसी उमीद के साथ—-
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रिपोर्टर,
बिहार
एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित. भेजने वाले ने अपना नाम गोपनीय रखने का अनुरोध किया है, इसलिए उनका नाम नहीं दिया जा रहा है.






