नमस्कार यशवंत जी, कुछ दिन पहले फिरोजाबाद के इण्डिया टीवी के पत्रकार लवकुश शर्मा द्वारा एक कोरियर कंपनी चलाने वाले आनंद वाजपेयी से पंद्रह हजार रुपये रंगदारी मांगी गई थी. इसकी ऑडियो क्लिप भड़ास ने अपने यहां प्रसारित की तो इण्डिया टीवी के पत्रकार ने भड़ास से बातचीत में कहा था कि उसने कोरियर कंपनी चलाने वाले आनंद वाजपेयी से एक्सीडेंट के बदले पंद्रह हजार रुपये मांगे थे.
लेकिन हकीकत यह है कि पत्रकार ने आनंद वाजपेयी को ब्लैकमेल करके पंद्रह हजार रुपये मांगे थे. अब इण्डिया टीवी के पत्रकार ने खुन्नस में कोरियर कंपनी चलाने वाले आनंद के खिलाफ झूठी एफआईआर दर्ज करा दी है. एफआईआर में इंडिया टीवी के पत्रकार ने कुछ और कहा है. इसमें बताया गया है कि आनंद वाजपेयी ने लवकुश शर्मा से पंद्रह हजार रुपए उधार लिए थे. अब देखना यह है कि एक्सीडेंट की बात सही है या एफआईआर में दर्ज उधारी के रकम की वसूली की बात. कृपया आप इसे प्रसारित करें.
यही इंडिया टीवी है जिसके लोगों ने यशवंत जी आपके खिलाफ फर्जी एफआईआर दर्ज कराई थी. अब इंडिया टीवी के एक और शख्स ने फर्जी एफआईआर दर्ज करा दी है. क्या इंडिया टीवी ने अपने लोगों को यह छूट दे दी है कि नियम कानूनों और नैतिकता को धता बता कर जिसके खिलाफ चाहें फर्जी मुकदमा लिखा दें या फिर जिससे चाहे पैसे वसूली करने लगे.
मैं इस मेल के साथ कोरियर कंपनी संचालक आनंद वाजपेयी द्वारा दी गयी तहरीर की कॉपी भी भेज रहा हुं लेकिन इंडिया टीवी के पत्रकार के प्रभाव के चलते कोरियर कंपनी संचालक की तहरीर पर एफआईआर दर्ज नहीं हो रही है. मैं आपको इस मामले से जुड़े सभी तथ्य पोस्ट कर रहा हूं, जो इस प्रकार है-
1. लवकुश द्वारा कराई गयी आनंद वाजपेयी के खिलाफ एफआईआर.


2. आनंद वाजपेयी द्वारा पुलिस अधीक्षक को दी गई तहरीर.

3. फिरोजाबाद के समाचार पत्रों में प्रसारित खबर की एक कटिंग.

4. लवकुश और कोरियर संचालक के बीच बात की ऑडियो क्लिप.
उम्मीद है आप पूरे प्रकरण को देश और समाज के लोगों के सामने लाएंगे ताकि सब लोग इंडिया टीवी में काम करने वालों का सच जान सकें.
आपका अपना
रमेश चन्द्र
कोरियर संचालक
फिरोजाबाद
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