नई दिल्ली : पाकिस्तानी पत्रकार हामिद मीर ने यह कहकर पाकिस्तान और भारत की राजनीती गलियारों में हडकंप मचा दिया कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री का भारत दौरा निजी नहीं बल्कि सरकारी था और इस बात का दोनों सरकारों को पता था। भारत के एक निजी टीवी चैनल में बातचीत के दौरान मीर ने कहा कि भारत और पाकिस्तान की दोनों सरकारें एक्सट्रीम फोर्सेज से डरतें हैं इसलिए ये दौर गुप्त रखा गया।
मीर ने कहा मैं अपनी बात पर कायम हूँ और रजा परवेज के वापिस आने पर उनसे इस पर बात भी करूँगा। दूसरी तरफ भारत सरकार ने मीर के इस बयान का खंडन किया और कहा कि इस तरह की कोई भी बात नहीं थी कि परवेज का ये दौरा सरकारी हो। भारत सरकार ने कहा अगर ऐसा होता तो क्या वहां विदेश सचिव और अन्य बड़े अधिकारी न होते।
सलमान खुर्शीद का बचाव करते हुए भारत सरकार ने कहा है कि उन्होंने औपचारिक तौर पर राजा परवेज अशरफ का स्वागत किया और इस दौरान राजनीतिक मसलों पर कोई बात नहीं हुई। खुर्शीद ने कहा कि यह आपसी संबंधों के बीच चर्चा करने का मौका नहीं था। इस पूरे मुद्दे पर शिवसेना ने विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद का इस्तीफा मांगा है उन्होंने कहा कि जब पूरा देश पाक का विरोध कर रहा है तो सलमान खुर्शीद पाक पीएम के लिए औपचारिकता निभाने क्यों गए।
वहीं कांग्रेस के भीम अफज़ल ने कहा कि "ये तो हामिद मीर ही जानते हैं कि राजा परवेज अपने इस भारत दौरे पर क्या फायदा उठाना चाहते थे और वह इस दौरे को निजी दौरा बताकर क्यों आए"। अफज़ल ने मीर के बयान को हंसी में लेते हुए कहा कि मीर राजा परवेज से जो भी पूछना चाहते हैं वो उनके पाकिस्तान पहुँचने पर पूछ लें। (पीके)





