Braj Bhushan Dubey : 9 वर्षीया मुनियां व भाई धर्मेन्द्र ने नहीं देखा स्कूल का मुंह। सूअर चराना नियति बन चुकी है। अब ये बनबासी बस्ती के बच्चे जायेंगे स्कूल। सम्मानित मित्रों, आज गाजीपुर के जखनियां विकास खण्ड अन्तर्गत रामपुर पतारी ग्राम के पास से गुजरते हुये दो बच्चियों को सूअर चराते देखा तो रूक गया। पूरी जानकारी की तो सहमते हुये दोनो बचचों ने अपना नाम मुनियां व धर्मेन्द्र बताया। दोनो बनबासी हैं तथा सगे भाई बहन।

बच्चों ने कहा कि हम लोग सूअर चराते हैं। माता-पिता कहते हैं कि स्कूल चले जाने पर सूअर कौन चरायेगा। बच्चों के साथ उनके घर पहुंचा। उनके माता पिता से पूछा कि ऐसा क्यों करते हैं वे लोग। बात छनकर आयी कि दोनो लोग मजदूरी करने जाते हैं तो सूअरों की देखभाल करने वाला कोई नहीं रहता। काफी प्रेरित करने के बाद मुसहर बस्ती के अन्य बच्चों के भी विदयालय जाने की बात तय हुयी। गांव के कुछ उत्साही युवाओं को यह जिम्मेदारी दी गयी। अब मुनियां भी सीखेगी ककहरा। हां पहले तो सभी बच्चे काफी सहमे व डरे हुये थे किन्तु बाद में सभी घुल मिल गये। आज के दिन को सार्थक मान रहा हूं।
गाजीपुर के आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष, जिला पंचायत सदस्य और सोशल व पोलिटिकल एक्टिविस्ट बृज भूषण दुबे के फेसबुक वॉल से.





