मुंबई : जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव की तर्ज पर महाराष्ट्र में भी नेता जानवरों का चारा खा गए हैं। जी हां, राज्य में भी सूखे से प्रभावित इलाकों में जानवरों के लिए चलाये जाने वाले कैम्प में करोड़ों रुपये का घोटाला हुआ है। भाजपा ने इसका खुलासा करते हुए सरकार की निंदा की है और इस मामले में जांच कराये जाने की मांग की है। भाजपा ने आरोप लगाया है कि राकांपा नेता व उपमुख्यमंत्री अजित पवार का करीबी नेता ने यह घोटाला किया है।
राज्य में बढ़ते भीषण सूखे के बीच अब राहत कार्यों के लिए आवंटित की गई राशि में घोटाले के मामले भी सामने आने लगे हैं। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता माधव भंडारी ने सोलापुर के सांगोला तहसील की चारा कैम्प में तीन करोड़ रुपए की होराफेरी होने का आरोप लगाया है। भंडारी ने बताया कि संस्था चालक जानवरों की गलत जानकारी देकर राहत निधि का गबन कर रहे थे। सांगोला के चारा शिविरों में ३ करोड़ रुपए का भ्रष्टाचार होने का आरोप लगाया है। माधव भंडारी ने जनसूचना अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी का हवाला देते हुए बताया कि उक्त जिले में एक ही व्यक्ति ९८ में से ९२ कैम्प अकेले चला रहा है। वह व्यक्ति आम नहीं राकांपा का स्थानीय नेता है और उसने घोटे जानवरों की संख्या भी दिखाई है।
इस संबंध में ७२ संस्था चालकों को राज्य सरकार की ओर से कारण बताओ नोटिस जारी की गई है। परंतु किसी पर कार्रवाई नहीं हो सकी है। उन्होंने बताया कि २०१२ में सोलापुर के लिए १०९ चारा छावनियों को मंजूरी दी गई थी। उसमें ९८ चारा कैम्प सांगोला की थी। सांगोला में ९३ चारा कैम्प शुरु की गई। उनमें कई चारा शिविरों में ६१९७ बड़े व ५०४ छोटे जानवर फर्जी पाए गए हैं। इस संबंध में राज्य सरकार ने चारा छावनी चलाने वाले ७२ संस्था चालकों को कारण बताओ नोटिस भेजी है। उसमें ६६ चारा छावनी चालकों को अनुदान व दंडात्मक राशि कुल मिलाकर २ करोड़ ९७ लाख रुपए वसूली की नोटिस भेजी गई है। उड़न दस्ते की पड़ताल में चारा शिविरों में चल रही इस धांधली का खुलासा हुआ है।





