देवरिया। उत्तर प्रदेश के देवरिया जनपद में फर्जी पत्रकार बताकर प्रताड़ित कराने का खेल चल रहा है। जब कि वे भी पत्रकार हैं जिन्हें प्रताड़ित कराया जा रहा है। इसके पीछे कुछ पत्रकारों का संगठित ग्रुप कार्य कर रहा है जो पुलिस, थानों से लेकर हर सरकारी आफिसों में बड़े मीडिया समूहों के नाम की धौंस देकर अपना धंधा चला रहे हैं।
14 मई 2012 को राज्य भंडारण निगम रघवापुर, देवरिया में फर्जी विजिलेंस अफसर की जानकारी करने पहले पहुंच गये पत्रकारों से द्वेषवश बाद में पहुंचे कुछ पत्रकारों ने पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों से उल्टी सीधी शिकायत पर पत्रकार कुमार रंजन उर्फ अमरेन्द्र एवं अवधेश चौहान तथा त्रिभुवन त्रिपाठी व संजय तिवारी को फर्जी कह कर परेशान कराया।
घटना यह है कि साधना टीवी के पत्रकार कुमार रंजन को अपने किसी स्रोत से यह जानकारी मिली कि एक सफेद इंडिका कार से कुछ कथित विजिलेंस अफसर एफसीआई बनकर कुशीनगर के कुछ ठग खाद्य गोदामों पर पहुंच कर धौंस पट्टी देकर वसूली कर रहे हैं। रंजन ने अपने कुछ पत्रकार साथियों के साथ इसकी असलियत जाननी चाही। मौके पर पहॅुचकर डिपो प्रबन्धक श्री बैरिस्टर राव से यह लोगा बातचीत कर रही रहे थे, तब तक फर्जी विजिलेंस अफसर आये और यह लोग अपने हाव भाव और फर्जी परिचय पत्र के आधार पर पकड़ लिए गये।
साधना टीवी के पत्रकार कुमार रंजन ने इसकी विजुवल बना लिया था। इसी बीच सहारा समय के संजय सिंह और त्रिपुरेश त्रिपाठी जी न्यूज, घनश्याम मिश्रा इण्डिया न्यूज, राम प्रताप सिंह आजतक के पत्रकार, अमर उजाला के ऋषिकेश तिवारी व छायाकार अनूप तिवारी तथा अन्य से सुधाकर पाण्डेय, संजीत शाही वगैरह पहॅुच गये। इन लोगों को यह बहुत बुरा लगा कि एेसी खबरें लेकर यह हाईलाइट हो जायेंगे। इसलिए इन लोगों ने पुलिस और प्रशासनिक महकमे में ग्रुप बनाकर लिखित शिकायत कर दी कि कुमार रंजन व इनके साथ न्यूज कवरेज में आये लोग फर्जी पत्रकार हैं। और खबरों को तोड़ मरोड़ कर प्रकाशित किया।
जब कि सच्चाई सभी लोग जानते हैं कि कुमार रंजन पब्लिक टीवी के सम्पादक रहे हैं व सत्यकान्ति न्यूज पेपर के देवरिया में ब्यूरो प्रमुख रह चुके हैं व साधना टीवी में पत्रकारिता कर रहे हैं। भंडारण निगम के प्रभारी ने भी जो प्राथमिकी दर्ज करायी है, उसमें फर्जी विजिलेंस अफसर सरफुद्दीन, गयासुद्दीन व असीम का नाम दर्ज है। हम लोग तो घटना के सिर्फ गवाह है। पर इन कथित पत्रकारों ने अपने चैनलों पर अखबारों में यहां तक की भड़ास4मीडिया में भी यह झूठी खबर दे दी कि हम फर्जी पत्रकार हैं और वसूली करते हैं। जिससे हमारी जो मानहानि हुई है उस सम्बन्ध में सम्बन्धितों के विरुद्ध आपराधिक मामला दर्ज कराने के लिए नोटिस दे दी गयी है।
प्रेस कौंसिल आफ इण्डिया के अध्यक्ष मा. जस्टिस मारकंडेय काटजू के यहां भी शिकायत दर्ज करा दी गयी है। यहां कोई कहीं का रहने वाला है। पत्नी को आंगनबाड़ी कार्यकत्री बनवा देता है। तो कोई करोड़ों का मकान पत्रकारिता की कमाई से बना रहा है। जब कि कोई पिस्टल और राइफल का लाइसेंस ले लिया है और आपराधिक मामला थाना खुखुन्दू में दर्ज है। तो कोई अपने घर को ही एक प्रतिष्ठित चैनल के रंग और लोगो सहित रंगवा लिया है। जिनको पत्रकारिता का सिद्धान्त ही नहीं पता वे दूसरों को फर्जी बता रहे हैं। किसी को आरोपित करने के पहले उसका भी तो पक्ष लेना चाहिए था। पर इन लोगों की दादागिरी चरम पर है। और इनलोगों के स्वार्थ एवं अहम में किसी को शूली पर चढ़ा दिया जाय कोई फर्क नहीं।
कुमार रंजन गुप्ता





