बाराबंकी। ‘‘जब सैयां भय कोतवाल तो डर काहे का’’ यह कहावत शहर में चरितार्थ साबित हो रही है। नाम हरीशचन्द्र लेकिन यह सत्ययुग के नहीं बल्कि कलयुग के हरीशचन्द्र हैं। शहर के कोतवाल हैं, आये थे 34 लाख लूट का खुलासा करने, लग गये वक्फ सम्पत्ति को लुटवाने में। दो दिन में वक्फ तकैयाबेगम इमामबाड़े के सामने शिकायत के बाद भी बनवा दी दुकान। मासूमा फाउन्डेशन हुई नाराज। मुख्यमंत्री समेत, मुख्य सचिव, गृहसचिव, वक्फ मंत्री, जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर अवैध निर्माण को गिराये जाने व कोतवाल और चौकीइंचार्ज को निलम्बित करने की मांग की है।
मासूमा फाउंडेशन के सचिव सरवर अली रिजवी ने मुख्यमंत्री को भेजे गये पत्र में बताया है कि उन्होंने भूमाफियाओं के द्वारा किये जा रहे अवैध निर्माण की शिकायत उपजिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, प्रभारी निरीक्षक कोतवाली को तत्काल अवैध निर्माण रोकने व हटवाने के लिए दिया गया था, जो कोतवाल ने देखा लेकिन परदा हटाने के लिए नहीं कहा था। उन्होंने बताया कि अवैध निर्माण करवाने वाले उपरोक्त लोगों से दस्तावेज 9 मार्च शनिवार को कोतवाली लेकर आने को कहा। सुबह इन लोगों के फर्जी कागजात व जुगाड़ सेटिंग के चलते रिजवी से कोतवाल ने कहा एसडीएम का या कोर्ट का आदेश लाएं तभी काम रूकेगा नहीं तो हम नहीं रोकेंगे। रिजवी द्वारा वक्फ की जमीन बचाने के लिए बड़ी विनती की गई लेकिन कोतवाल हरीशचन्द्र सिंह अड़े रहे बाद में उपजिलाधिकारी से सम्पर्क 945441645 किया तो वहां से जवाब मिला डीएम से बात करें डीएम के नं0 9454417540 पर बात हुई तो गिरीश नामक व्यक्ति ने हड़का दिया।
रिजवी ने बताया है कि मेरे द्वारा कोतवाल से फिर वक्फ की जमीन बचाने के लिए विनती की गई तो उनका कहना था तुम खुद जाओ काम रूकवाओ हम ला एंड आर्डर मेंटेन कर देंगे। इसके थोड़ी देर बा सिटी चौकी इंचार्ज कुछ सिपाहियों के साथ अवैध निर्माण स्थल पर पहुंचे भूमाफियाओं की हौसला अफजाई की और कहा अगर कोई आए तो पीटकर हमें बता देना, हम 151 में वक्फ बचाने वालों को अन्दर कर देंगे। पुलिस की जुबानी यह अल्फाज सुन वहां से यह लोग चले आए और उनके द्वारा मुख्यमंत्री को फैक्स द्वारा विधान सभा के समक्ष आत्मदाह की सूचना भेजी, जिस पर देर रात कोवाली प्रभारी हरीशचन्द्र सिंह ने खानापूर्ति करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पहुंचे क्षेत्राधिकारी दीपेन्द्र चौधरी ने शनिवार की रात कार्य रुकवाकर सोमवार 11 बजे कोतवाली दोनों पक्ष को बुलाया।
लेकिन सुबह यह नजारा बदला था अतिक्रमण कर इमामबाड़ा तकैय्या बेगम के सामने दुकान बन चुकी थी जिसकी छत पर टीन डाला गया है और ईंटो पर चूने की पुताई कर सब्जी की दुकान खोल दी गई है। जब कोतवाली प्रभारी से मिला गया तो कहा गया कि निर्माण रोक दिया गया है। रिजवी ने मुख्यमंत्री से गुहार की है कि वक्फ तकैय्या बेगम बेगमगंज के इमामबाड़े के सामने जो वक्फ की जमीन है पर से अवैध निर्माण गिरवाया जाये और कब्जा करवाने वाले खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्यवाही कर प्रभारी निरीक्षक कोतवाली व सिटी चौकी इंचार्ज को निलंबित किया जाये। मासूमा फाउंडेशन के सचिव सरवर अली रिजवी ने मुख्यमंत्री को भेजे गये शिकायती पत्र में कहा है कि वक्फ तकैय्या बेगम, बेगमगंज बाराबंकी जो शिया सेन्ट्रल वक्फ बोर्ड उ0प्र0 में पंजीकृत है पर अवैध रूप से अतिक्रमण कर दुकान बनवाने का कार्य 08 मार्च को अब्दुल हसीब के 3 पुत्रों पत्नी वसीकुन निसां, मेराज आलम सभासद के भाई आसिफ, भूमाफिया बब्बी द्वारा कराया जा रहा था।
इस संबंध में क्षेत्राधिकारी नगर से जब बात की गयी तो उनका कहना था कि यह तो गलत हुआ। 145 के तहत कार्यवाही की जायेगी। वहीं उपजिलाधिकारी नवाबगंज आईएएस शिवसहाय अवस्थी भी वक्फ की जमीन पर हुए नाजायज कब्जे से नाराज दिखे और कड़ी कार्यवाही करने का आश्वासन दिया। वहीं अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने वक्फ इस्पेक्टर को भेजकर पूरे मामले की जांच कर उपजिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक को सूचित किया है।
बाराबंकी से रिजवान मुस्तफा की रिपोर्ट.





