कुंडा में डीएसपी, ग्राम प्रधान और उसके भाई की हत्या के मामले की जांच कर रही सीबीआई टीम के वाहन पर मंगलवार रात तकरीबन नौ बजे हमला हो गया। खबर है कि इस हमले में कोई घायल नहीं हुआ है। हमला कुंडा और मानिकपुर के बीच तब हुआ जब वाहन सीबीआई अफसरों को लखनऊ छोड़कर वापस आ रहा था। वाहन में यूपी पुलिस का एक गनर और ड्राइवर ही सवार थे। हमले में वाहन का शीशा चकनाचूर हो गया।
सीओ की हत्या के मामले में पूर्व मंत्री राजा भैया के खिलाफ सीबीआई का घेरा तंग होता जा रहा है। तफ्तीश बेंती की कोठी के इर्द गिर्द घूम रही है। मंगलवार को सीबीआई ने पहली बार बड़े पैमाने पर कार्रवाई की। राजा भैया के तीन सिपहसालारों को बेंती में छापा मारकर पकड़ा गया। इसमें राजा भैया का बेहद खास नन्हे सिंह भी शामिल है। इस कार्रवाई के बाद सीबीआई के बेड़े में शामिल एक बोलेरो एक सीबीआई अफसरों को लेकर लखनऊ चली गई तथा जब वह छोड़कर रात तकरीबन नौ बजे वापस कुंडा लौट रही थी तो कुंडा और मानिकपुर के बीच में वाहन पर पथराव किया गया। उस वक्त बोलेरो में सिर्फ यूपी पुलिस का एक गनर और बोलेरो चालक ही थे। अचानक हमले से वे घबरा गए लेकिन हिम्मत दिखाते हुए बोलेरो की रफ्तार बढ़ा दी और बच निकले।
सीबीआई टीम पर हमले की सूचना से पुलिस अफसरों में हड़कंप मच गया। कुंडा कोतवाल बुद्धिराम का कहना है कि बोलेरो के शीशे टूट गए है लेकिन चालक और गनर सुरक्षित हैं। अब तक पुलिसकर्मियों से ही पूछताछ करने वाली सीबीआई ने मंगलवार को राजा भैया के खिलाफ हाथ खोल दिए। सुबह कैंप कार्यालय पहुंचे डीआईजी अनुराग गर्ग के नेतृत्व में एक टीम बेंती की ओर चली। पूरनेमऊ चौराहे पर टीम ने एक दुकान पर बैठे बेंती के नन्हे सिंह, बरगद का पुरवा निवासी राममूरत उर्फ गुंडेबाज और बेंती के ही संतोष उर्फ डेबा को उठा लिया। तीनों को बेंती में राजा भैया की कोठी की ओर ले जाया गया। कोठी के आसपास टीम काफी देर तक रुकी रही। दो अधिकारी गाड़ी से उतरे भी लेकिन वे कोठी की ओर नहीं गए। तीनों को लेकर सीबीआई की टीम कैंप कार्यालय पहुंची। देर शाम तीनों को छोड़ देने की चर्चा है। हालांकि अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है।
बताया जा रहा है कि तीनों ने सीबीआई को बलीपुर कांड को लेकर अहम सुराग दिए हैं। इसमें सीओ की हत्या भी शामिल है। खासकर मौके पर राजा भैया के कुछ बेहद खास लोगों की मौजूदगी के बारे में भी बताया जाने की खबर आ रही है। चर्चा हो रही है कि सीबीआई तीनों का नाम बलीपुर कांड से जोड़ सकती है। इसके अलावा हथिगवां थाने के एक चर्चित सिपाही को भी हिरासत में लेने की खबरआ रही है। सादे कपड़ों में घूमने वाले इस सिपाही को सीबीआई ऑफिस के आसपास देखा गया। इस सिपाही के खिलाफ आरोपों का पुलिंदा सीबीआई को मिला है। सीओ हत्याकांड में इसकी भूमिका पर भी उंगली उठ रही है। राजा भैया के इतने समर्थकों को उठाने के पीछे सीबीआई की उनके खिलाफ घेरेबंदी को और कसने की तरह देखा जा रहा है। इसको लेकर राजा भैया के समर्थक खासे नाराज हैं। माना जा रहा है हमला सोची समझी साजिश तथा सीबीआई टीम को डराने का नतीजा है।





