जनपद बदायूं में कार्यरत पीटीआई के संवाददाता आशु बंसल पुलिस की विवेचना में आरोपी सिद्ध हो गये हैं। पुलिस ने उनके विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र भी दाखिल कर दिया है। न्यायालय से सम्मन भी जारी हो गया है। उल्लेखनीय है कि बदायूं के न्यूज-24 के रिपोर्टर विकास साहू के विरुद्ध नोयडा स्थित कार्यालय में मेल के द्वारा लगातार मनगढ़ंत शिकायतें पहुँच रही थीं, जिस पर चैनल की ओर से उनसे स्पष्टीकरण माँगा गया, तो ज्ञात हुआ कि जिस नाम और पते से शिकायत की गई है, उस नाम-पते का कोई व्यक्ति ही नहीं है, इस पर चैनल की ओर से विकास साहू को मामले की जांच कराने और कार्रवाई कराने का निर्देश दिया गया।
चैनल के कार्यालय में किये गये मेल के विवरण सहित विकास साहू ने पुलिस में शिकायत कर दी, जिस पर आईटी की टीम ने कैलिफोर्निया स्थित जी-मेल के कार्यालय से मेल का संपूर्ण विवरण मंगाया, तो विकास साहू चौंक गये, क्योंकि रात-दिन साथ रहने वाले पीटीआई के संवाददाता आशु बंसल के कंप्यूटर, डाटाकार्ड वगैरह का पता आया, फिर भी विकास ने सदर कोतवाली में अज्ञात व्यक्ति के विरुद्ध मुकदमा लिखाया, लेकिन विवेचना में पुलिस ने आशु बंसल का नाम खोलते हुए उनके विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया है, जिस पर संज्ञान लेते हुए न्यायालय ने आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
सम्मन जारी कर न्यायालय ने आशु को हाजिर होने का आदेश जारी कर दिया है। अगली तारीख 29 मार्च है, जिस पर आशु हाजिर नहीं हुए, तो वारंट भी जारी हो सकता है। आरोप पत्र के अनुसार आशु बंसल की मेल आईडी से उनके बेटे रचित की आईडी बनी है और रचित की आईडी से एक फेक आईडी बनाई गई, जिससे फर्जी मेल किया गया एवं जिस कंप्यूटर और डाटाकार्ड का प्रयोग किया गया, वह भी आशु के नाम पर ही है, लेकिन आशु बंसल का कहना है कि उनके कंप्यूटर पर कई लोग बैठते थे, किसी ने उन्हें फंसाने के लिए षड्यंत्र रचा है, पर उनकी यह दलील पुलिस ने नहीं सुनी। अब देखते हैं कि अदालत मानेगी या नहीं।






