यूपी के संत कबीर नगर जिले में पी7 न्यूज़ के पत्रकार उमेश भट्ट के खिलाफ पुलिस ने फर्जी मुकदमा लिख दिया है. उमेश भट्ट की इमानदारी ही उनके गले की हड्डी बन गई है. जिले के मगहर कसबे में स्थित कल्पना गैस सर्विस पर जारी कालाबाजारी के सन्दर्भ में आरटीआई कानून के तहत पत्रकार उमेश भट्ट द्वारा मांगी गई जानकारी के बाद जहां उक्त गैस एजेंसी में व्याप्त अनियमितता का पर्दाफाश हुआ.
इससे खार खाए कल्पना गैस एजेंसी के संचालक एवं सपा नेता राम अवध राय और उनके भतीजे संजय राय द्वारा पहले तो

पत्रकार उमेश भट्ट
पुलिस को पत्रकार उमेश भट्ट के साथ खड़े होना चाहिए था. पर हुआ उलटा. सीओ खलीलाबाद आरके शर्मा ने एजेंसी संचालक राम अवध राय और उनके भतीजे संजय राय के प्रभाव में आकर इनके दलित नौकर की तहरीर पर पी7 न्यूज़ के पत्रकार उमेश भट्ट सहित उनके तीन सहयोगियों जिनमें जिले के वरिष्ठ पत्रकार मोहम्मद शरीफ खां, कुलदीप मिश्र और आरटीआई कार्यकर्ता धर्मात्मा प्रसाद मिश्र के ऊपर मारपीट, गाली, लूट और दलित उत्पीड़न का मुकदमा आईपीसी की धारा 323 ,504,506, 392 एवम 3(1)10 एससी / एसटी एक्ट के तहत दर्ज कर दिया जाता है.


पूरे मामले पर जब पत्रकार उमेश भट्ट ने सीओ खलीलाबाद आरके शर्मा और कोतवाली प्रभारी खलीलाबाद विजय शंकर यादव से फोन पर बात की तो दोनों ही कानून के रहनुमा अपनी गलती को साफ़ तौर पर स्वीकार करते हैं. ये दोनों पत्रकार उमेश भट्ट को आश्वासन देते हैं कि आप घबराइये नहीं, आपके ऊपर दर्ज मामला पूरी तरह से फर्जी है, जिसे जांच के बाद स्पंज कर दिया जाएगा. इस पूरी वार्तालाप की रिकार्डिंग पत्रकार उमेश भट्ट ने अपने मोबाईल में कैद कर ली है.

अब सवाल ये उठता है कि जब इन पुलिस वालों को ये बात पता थी कि घटना फर्जी है, तो मुकदमा दर्ज करने की नौबत क्यों आई? उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ला एंड आर्डर ठीक करने की बात कर रहे हैं पर दिनोंदिन पत्रकारों का उत्पीड़न बढ़ता जा रहा है. ऐसे में सोचा जा सकता है कि सपा से जुड़े लोगों के दबाव में शासन-प्रशासन के लोग आम आदमियों के साथ कैसा सलूक करते होंगे.
सीओ और कोतवाल से पत्रकार उमेश भट्ट की बातचीत का टेप सुनने के लिए यहां क्लिक करें-
सीओ और कोतवाल ने पत्रकार से कहा- मुकदमा फर्जी है (सुनें टेप)
संत कबीर नगर से पत्रकार अजय कुमार श्रीवास्तव की रिपोर्ट.





