आम आदमी पार्टी। अरविंद केजरीवाल ने इसी नाम से पार्टी का रजिस्ट्रेशन चुनाव आयोग में कराया है और अपनी नवगठित पार्टी का नाम रखा- आम आदमी पार्टी। भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान में एक जन संगठन के संचालक के रूप में उन्होंने जमकर राष्ट्रीय झंडे का इस्तेमाल किया। उस आंदोलन को राष्ट्रवाद का पर्याय भी माना गया था। लेकिन एक पार्टी के रूप में भ्रष्टाचार के खिलाफ उनका अभियान अब पार्टी की नीति का हिस्सा है और उसे पार्टी का कार्यक्रम माना जाएगा। ऐसे में किसी राजनीतिक पार्टी द्वारा राजनीति कार्यक्रमों में राष्ट्रीय झंडा का इस्तेमाल राष्ट्रीय झंडे का अपमान है।
आज यही काम अरविंद केजरीवाल की पार्टी कर रही है और आंदोलन के नाम पर राष्ट्रीय झंडे का दुरुपयोग कर रही है। आम आदमी पार्टी द्वारा पटना में 13 से 15 मार्च तक आयोजित धरना में पार्टी के बैनर और राष्ट्रीय झंडे का साथ-साथ इस्तेमाल किया गया। इस कार्यक्रम में 15 मार्च को पार्टी की राष्ट्रीय कार्यसमिति के सदस्य राकेश कुमार सिन्हा भी उपस्थित थे और उन्होंने धरना को संबोधित भी किया। क्या अरविंद केजरीवाल यह बतायेंगे कि पार्टी कार्यक्रमों के लिए राष्ट्रीय झंडे का इस्तेमाल किस हैसियत से कर रहे हैं या उन्हें वह झंडा आंवटित कर दिया गया है। लगता है कि पार्टी के गठित होते ही वह भी शुद्ध पोलिटिशियन बन गये और राष्ट्रीय झंडे का सम्मान और उसकी महत्ता भी भूल गए।
पटना से बीरेंद्र कुमार यादव की टिप्पणी.






