लखनऊ : नवंबर 2007 में यूपी कचहरी धमकों के बाद 12 दिसंबर 2007 को आजमगढ़ से तारिक कासमी और 16 दिसंबर 2007 को मडि़याहूं से खालिद मुजाहिद की गिरफ्तारियों के बाद 22 दिसंबर को उन्हें बाराबंकी से गिरफ्तार किए जाने के यूपी एसटीएफ के दावों पर उठे सवालों पर तत्कालीन बसपा सरकार द्वारा इन गिरफ्तारियों पर उठे सवालों की जांच के लिए गठित आरडी निमेष जांच आयोग की रिपोर्ट पिछले साल 31 अग्स्त 2012 को वर्तमान सपा सरकार को आर डी निमेष आयोग ने सौंप दिया था।
लेकिन जनहित के लिए काफी अहम इस रिपोर्ट को सरकार ने नहीं जारी किया। पिछले कुछ महीनों में इस रिपोर्ट के कुछ हिस्से मीडिया माध्यमों में प्रकाशित हो चुके हैं जिसमें यह बात सामने आई है कि तारिक और खालिद की गिरफ्तारियां संदिग्ध थीं। साथ ही रिपोर्ट यूपी एसटीएफ की गैरकानूनी कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाती है। ऐसे में इस रिपोर्ट को सरकार को जारी कर देना चाहिए था पर उसके द्वारा इसे 7 महीने बाद भी जारी न करना उसकी नीयत पर सवाल उठाता है। ऐसे में हम यह महसूस करते हुए कि इस रिपोर्ट का सार्वजनिक होना जनहित में है, इसे आज सोशलिस्ट पार्टी के लखनऊ स्थित कार्यालय से जारी कर रहे हैं।
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आरडी निमेष आयोग की जांच रिपोर्ट
द्वारा जारी- संदीप पाण्डे, गिरीश पाण्डे, इमरान अली, मसीहुद्दीन संजरी, शाहनवाज आलम, राजीव यादव। संपर्क- 05222347365, 09415254919, 09452800752





