जौनपुर। केन्द्रीय रेल राज्यमंत्री के कार्यक्रम का कवरेज करने गये इलेक्ट्रानिक मीडियाकर्मियों से ड्यूटी पर तैनात जीआरपी के जवान ने बदसलूकी की, जिससे नाराज पत्रकार कार्यक्रम का बहिष्कार कर धरने पर बैठ गये। लगभग 1 घण्टे तक चले इस प्रदर्शन के बाद क्षेत्राधिकारी जीआरपी वाराणसी शेषनाथ सिंह ने उक्त सिपाही को निलम्बित कर दिया, जिसके बाद पत्रकारों का गुस्सा शांत हुआ। फिलहाल इस मामले की जानकारी रेलवे के डीजी ने पीड़ित पत्रकार से खुद लेकर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
मालूम हो कि जौनपुर जंक्शन रेलवे स्टेशन (भण्डारी) पर सोमवार को केन्द्रीय रेल राज्यमंत्री अधीर रंजन चौधरी का कार्यक्रम था, जिसको कवरेज करने के लिये इलेक्ट्रानिक और प्रिण्ट मीडिया के पत्रकार और छायाकार भी पहुंचे थे। इसी बीच स्टेशन के मुख्य प्रवेश द्वार पर तैनात बिना नाम पट्टी और सामने की दो बटन खुली वर्दी पहने भांग के नशे में धुत मुगलसराय जीआरपी का जवान महेन्द्र मुतैना ने इलेक्ट्रानिक मीडिया के पत्रकार आरिफ हुसैनी से बदसलूकी ही नहीं किया, बल्कि गाली-गलौज भी किया। इसकी जानकारी साथियों को होते ही सभी ने पहले रेलमंत्री से इसकी शिकायत की, लेकिन वह और स्थानीय विधायक ने इस मामले का राज्य सरकार का बताकर अपने हाथ खड़े कर दिये।
इसके बाद पत्रकारों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया और सभी ने मुख्य द्वार पर नारेबाजी करते हुये धरना देना शुरू कर दिया। मामले की नजाकत को समझते हुये क्षेत्राधिकारी जीआरपी ने आनन-फानन में आरोपी को निलम्बित करने में ही भलाई समझी। उसके बाद कहीं जाकर पत्रकारों ने अपना आंदोलन खत्म किया। इस मौके पर वरिष्ठ पत्रकार मधुकर तिवारी, नसीम फरीदी, आईबी सिंह, राजेश श्रीवास्तव, हसनैन कमर, अजीत सिंह, शम्भू सिंह, राजकुमार सिंह, जावेद अहमद, ऋतुराज सिंह, दीपक श्रीवास्तव, आशीष श्रीवास्तव, राकेशकांत पाण्डेय, राजन मिश्रा, संजय कुमार, संजीव चौरसिया, योगेश श्रीवास्तव, सुधाकर शुक्ला, दीपक मिश्रा, काजिम अब्बास, मेराज अहमद, हिम्मत बहादुर सिंह, विनोद विश्वकर्मा, विद्याधर राय विद्यार्थी, रत्ती लाल, सम्पादक मंगला प्रसाद तिवारी, डा. यशवंत गुप्ता सहित तमाम सम्पादक, पत्रकार, छायाकार उपस्थित रहे।





