शाहजहांपुर : देश की अर्थव्यवस्था को लचर करने के लिए कुछ देश द्रोही ताकते भारत में नकली नोट सप्लाई कर रही हैं। इसकी कड़ी में शाहजहांपुर पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। 378500 नकली भारतीय मुद्रा बरामद के साथ दो तस्करों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि नकली नोटों के तस्करों के तार पाकिस्तान से जुड़े हो सकते हैं। रोजा पुलिस और एंटी टैररिस्ट स्क्वायड (एटीएस) करे मुखबिर ने सूचना दी कि कुछ लोग नकली नोट लेकर जिले की सीमा से निकल रहे हैं। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर वाहन चेकिंग शुरू की तो एक गाड़ी से दो लोगों के पास से 378500 रुपए की नकली भारतीय मुद्र बरामद हुई।
पुलिस और एटीएस की टीम ने जब दोनों तस्करों से पूछताछ की तो जो कहानी निकल कर आई उससे पुलिस के होश उड़ गए। पुलिस ने तुरंत ही इसकी सूचना आला अधिकारियों को दी। सूचना मिलते ही खुफिया विभाग भी तुरंत हरकत में आ गया। पुलिस ने बताया कि तस्कर रहमत अली पु़त्र उवेद और असलम अली पु़त्र सत्तार अली निवासी मदिलमन थाना जाले, जिला दरभंगा बिहार के रहने वाले हैं। रहमत अली ने बताया कि दिल्ली की जामा मस्जिद के पास चितली कबर में उनका सरगना रहता है, जिस ने बिहार के कोयला से नकली नोटों की खेप लाने के लिए भेजा था। पुलिस ने रहमत अली के पास से 327500 नकली भारतीय मुद्र और असलम के पास से 51 हजार रुपये बरामद किए।
पुलिस ने बताया कि असलम पूना में ट्रक चलाता था। वहां लोगों का कर्ज हो गया तो वहां से भाग कर दिल्ली आ गया, जहां उस की मुलाकात रहमत अली से हो गई और जाली नोटों के कारोबार से जुड़ गया। पुलिस की माने तो नकली नोटे के कारोबारियों के तार पाकिस्तान से जुड़े हैं। पाकिस्तान में नकली नोटों का मास्टर माइंड है, जो नेपाल के रास्ते बिहार की सीमा से भारत में नकली नोटों को भारत में बैठे अपने साथियों तक पहुचाता है। वहां से दिल्ली में बैठा नकली नोटों का मुख्य कारोबारी अपने साथियों को नकली नोटों को भारत के अलग-अलग इलाकों में चलाने के लिए सप्लाई करता है।
पुसिल ने जिन लोगों को नकली नोटों के साथ पकड़ा है, वह तो इस लाईन के मात्र प्यादे हैं। इसका सरगना तो दिल्ली में बैठ कर इस पूरे कारोबार को आपरेट करता है। सूत्रों की माने तो नकली नोटों के कारोबार में सफेद पोश नेता भी शामिल बताए जा रहे हैं। पुलिस जल्द ही इनसे पूछताछ के बाद इनके आकाओं को अपने शिकंजे में लेने की तैयारी कर रही है। माना जा रहा है कि इसके बाद कई चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं।

जिले में पहले भी पकड़े जा चुके हैं नकली नोटों के कारोबारी : पुलिस ने दिस्मबर में भी रोजा पुलिस ने पांच हजार रंपये के साथ तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। वर्ष 2008 में बंडा और पीलीभीत के कारोबारियों के पास से 83000 रुपये की नकली भारतीय मुद्रा के साथ पकड़ा था। इस गिरोह में एक महिला भी पुलिस के हत्थे लगी थी। पुवायां में भी दो लोगों के पास से भारी मात्रा में पुलिस ने नकली नोट बरामद किया था, इन्हें बाद में जेल भेज दिया गया।
थाना रोजा और एटीएस की टीम ने जाली नोटों के साथ तो तस्करों को गिरफ्तार किया गया, जिनके पास से 378500 रुपये की भारतीय मुद्रा बरामद हुई है। सम्भावना है कि यह नकली नोट पाकिस्तान से नेपाल से होते हुए बिहार के रास्ते यूपी और दिल्ली में सप्लाई किए जाते हैं। – चन्द्र प्रकाश, एसपी शाहजहांपुर





