Ravish Kumar : प्रेस क्लब के घमासान में मनोरंजन भारती मैदान में ! वोट इन सपोर्ट आफ़ मनोरंजन भारती- उपाध्यक्ष पद के लिए । बाबा पैनल ही बन गया है । सबको जीता दीजिए । आज प्रचार का आख़िरी दिन है । ( यह सूचना सिर्फ प्रेस क्लब के सदस्यों के लिए है)
उपरोक्त अपील फेसबुक पर अपने वाल पर रवीश कुमार ने प्रकाशित की है. इस बीच, सुनील वर्मा ने खुद के लिए प्रेस क्लब सदस्यों से वोट मांगा है. सुनील ने जो अपील की है, वह इस प्रकार है… ''प्रेस क्लब के आदरणीय सदस्य साथियों, मैं इस बार प्रेस क्लब की प्रबंध कार्यकारिणी सदस्य के लिए चुनाव लड़ रहा हूँ। 23 मार्च 2013 को होने वाले चुनाव में आप सभी के प्यार और सहयोग की कामना करता हूँ। क्लब में कुछ रचनात्मक बदलाव लाने के लिए बैलेट पेपर पर 27 नंबर के सामने अपनी मुहर लगाकर मुझे विजयी बनाएं। मैं विश्वास दिलाता हूँ मेरे लिए आपका एक वोट खुद आपके लिए होगा… मैं प्रबंध कार्यकारिणी में आपकी आवाज बनकर उपस्थित रहूँगा… मैं अपना परिचय दे रहा हूं. मैंने 1990 में पत्रकारिता का जीवन शुरू करने के बाद 1991 से 1992 तक अमर उजाला मेरठ में बतौर ट्रेनी संवाददाता के रूप में नौकरी की। जुलाई, 93 में क्राइम वाच नाम से एक न्यूज़ ऐजेंसी बनाकर माया, मनोहर कहानियां, क्राइम एंड डिटेक्टिव , सहारा और आउट लुक जैसी पत्रिकाओं में साल 2000 तक लगातार अपराध व खोजी पत्रकारिता पर लेखन किया। जून 2004 तक दैनिक भास्कर दिल्ली में सीनियर क्राइम रिपोर्टर के रूप में काम किया। इसके बाद अमर उजाला ज्वाइन करके 2006 तक देहरादून में काम किया और फिरसे दिल्ली तबादला हुआ। यहाँ एक साल काम कंरने के बाद स्टार न्यूज़ पर दिखाए जाने वाले बीएजी फिल्म के क्राइम शो रेड अलर्ट में काम किया। 2008 में इंडिया न्यूज़ में बतौर क्राइम हेड रहा 2009 में फोकस टीवी में इन्वेस्टीगेशन हेड के रूप में स्पेशल असाईंनमेंट पर काम करते हुए चेंनल की क्राइम टीम के नेशनल हेड के रूप में काम किया। फिलहाल इन दिनों दिल्ली से प्रकाशित एक राजनैतिक पत्रिका टूमारो इंडिया के संपादन और आज की दिल्ली मासिक पत्रिका के सलाहकार के रूप में काम करने के साथ-साथ डॉकयूमेंट्री फिल्मे भी बना रहा हूँ। इसके अलावा विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में कॉलम लेखन में सक्रिय हूँ। -आपका अपना, सुनील वर्मा, 09868561056 ''





