Bhavesh Nandan : क्या जिस “विशेष योग्यता" से मार्कण्डेय काटजू न्यायाधीश बने उसी “विशेष योग्यता” के चलते एक सजायाफ्ता अपराधी संजय दत्त के लिए सजा कम करने की मांग कर रहे हैं? यह विशेष योग्यता है ‘बड़ा और अच्छा पारिवारिक पृष्ठभूमि और माता-पिता का किसी विशेष क्षेत्र में बड़ा योगदान..
इस विशेष योग्यता से कोई अपात्र और पक्षपाती जज बन सकता है.. कोई न्यायालय के अपने कक्ष में किसी को किसी एवज में जज बनाने का दावा कर सकता है.. कोई अयोग्य प्रधानमंत्री पद का दावेदार हो सकता है.. किसी बड़े अभिनेता के पुत्र के घटिया अभिनय को लगतार झेलना पड़ सकता है.. कोई क्रिकेट टीम में शामिल हो सकता है.. और यहाँ तक कि कोई अपराध करके भी बच निकल सकता है.. पर अगर किसी अपराधी की सजा सिर्फ इसके लिए माफ़ कर दी जाय कि वो किसी “पवित्र परिवार’ से संबद्ध है तो विरोध बनता है.. इस तरह के सामंती सोच और घटिया स्तर के वंशवाद का व्यापक और हर स्तर पर हमें विरोध दर्ज करानी चाहिए..
Alok Dixit : संजय दत्त ने अवैध रूप से एके-56 राइफल रखी थी। यह हथियार उन्हीं लोगों से मिला था जिन लोगों ने 1993 में मुंबई ब्लास्ट किया था। इस बलास्ट में 257 लोगों की मौत हो गई थी। इसी अपराध के लिए संजय को करीब 20 साल की लंबी सुनवाई के बाद अंतत: 5 साल की सजा मिली है। अब तमाम लोग उनकी सजा माफी के लिए अपील करते दिख रहे हैं। क्यों?
भावेश नंदन और आलोक दीक्षित के फेसबुक वॉल से.





