समाजवादी पार्टी की सरकार का एक वर्ष पूरा होने के उपलक्ष्य में बदायूं में भी सभी अखबारों को स्थानीय नेताओं ने विज्ञापन दिए थे, लेकिन जागरण को मिले विज्ञापन में ब्यूरो चीफ ने कमीशन खा ली, जिससे हंगामा मचा हुआ है! सूत्रों का कहना है कि जागरण को फुल पेज का साठ हजार रुपये का विज्ञापन दिया गया था, जिसमें पन्द्रह हजार रुपये ब्यूरो चीफ ने अपना कमीशन मान कर रख लिए और पैंतालीस हजार में विज्ञापन छपवा दिया।
विज्ञापन से जुड़े बड़े अधिकारियों को इस बात की जानकारी हुई, तो आपत्ति होने लगी, पर सूत्रों का कहना है कि विज्ञापन के एक बड़े अधिकारी को ब्यूरो चीफ ने हिस्सा देकर मामला शांत करने का प्रयास किया, तो बाक़ी लोग भी आपत्ति करने लगे। अब बात ऊपर तक पहुँच चुकी है, इसलिए माना जा रहा है कि इस कमीशनखोरी की गाज किसी न किसी पर अवश्य गिरेगी। उल्लेखनीय है कि जागरण में पत्रकार या विज्ञापन से जुड़े लोग कमीशन नहीं ले सकते। कमीशन सिर्फ विज्ञापन की एजेंसी लेने वाले या फिर संवादसूत्र के रूप में मामूली पैसे पर काम करने वालों को ही दिया जाता है, इसलिए संस्थान की नज़र में बड़ी गलती है। (कानाफूसी)






