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दैनिक जागरण ने छापा सहारा समूह का पेड न्‍यूज!

दैनिक जागरण अखबार में सहारा श्री सुब्रत राय की सुपौत्री रोशना के अन्‍नप्रासन की एक रिपोर्ट छपी है. फोटो समेत छपी यह रिपोर्ट पूर्ण रूप से विज्ञापन और पेड न्‍यूज की शक्‍ल में है. इसकी भाषा भी बिल्‍कुल पेड न्‍यूज वाली है. फिर भी अखबार के कहीं भी पेड न्‍यूज या विज्ञापन का जिक्र नहीं किया है. पार्टी में आने वाली तमाम बड़ी हस्तियों की फोटो कैप्‍शन के साथ प्रकाशित की गई है. सवाल यह है कि अगर यह पेड न्‍यूज नहीं है तो फिर दैनिक जागरण ने 20 मार्च की खबर को 25 मार्च को किस मजबूरी में प्रकाशित की.

दैनिक जागरण अखबार में सहारा श्री सुब्रत राय की सुपौत्री रोशना के अन्‍नप्रासन की एक रिपोर्ट छपी है. फोटो समेत छपी यह रिपोर्ट पूर्ण रूप से विज्ञापन और पेड न्‍यूज की शक्‍ल में है. इसकी भाषा भी बिल्‍कुल पेड न्‍यूज वाली है. फिर भी अखबार के कहीं भी पेड न्‍यूज या विज्ञापन का जिक्र नहीं किया है. पार्टी में आने वाली तमाम बड़ी हस्तियों की फोटो कैप्‍शन के साथ प्रकाशित की गई है. सवाल यह है कि अगर यह पेड न्‍यूज नहीं है तो फिर दैनिक जागरण ने 20 मार्च की खबर को 25 मार्च को किस मजबूरी में प्रकाशित की.

इस पार्टी में पीसीआई के अध्‍यक्ष जस्टिस मार्कंडेय काटजू भी पहुंचे जिन पर पेड न्‍यूज रोकने की जिम्‍मेदारी है. अब समझना मुश्किल नहीं है कि पेड न्‍यूज करने वाले अखबारों पर कौन सी कार्रवाई होगी. एलिट वर्ग के पोषक माने जाने वाले काटजू पत्रकारों के लिए न्‍यूनतम डिग्री तय करने के तो हिमायती हैं, परन्‍तु अखबार मालिकों और पेड न्‍यूज करने वालों के खिलाफ सार्वजनिक रूप से बोलने में उन्‍हें डर लगता है. संभावना कम ही है कि दैनिक जागरण में प्रकाशित इस पेड न्‍यूज पर कोई कार्रवाई हो. पर दैनिक जागरण समूह समूची पत्रकारिता को भ्रष्‍ट बनाते हुए अपनी झोली भर रहा है, लेकिन जब अपने कर्मचारी हितों की बात आती है तो जागरण प्रबंधन को सांप सूंघ जाता है.

सवाल यह भी है कि आखिर दैनिक जागरण ने जब इस पेड न्‍यूज को प्रकाशित किया है तो फिर उसे नीचे लिखने में क्‍या बुराई नजर आ रही थी. सवाल इसलिए भी है कि इसकी रिपोर्ट में जो भाषा लिखी गई है उसमें साफ बताने का प्रयास किया गया है कि इस पार्टी में बड़े-बड़े लोग पहुंचे. यानी शुद्ध रूप में पीआर करना और मार्केट में सहारा की खतम हो चुकी साख को इन सेलिब्रेटियों के जरिए वापस पाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है. इसमें तमाम लोग पहुंचे, लेकिन खबर में सारा जोर मंत्रियों, नेताओं, सांसदों और ब्‍यूरोक्रेटस के पहुंचने पर दिया गया है. यह भी बताने का प्रयास किया गया है कि ऐसे समारोह में इतने ज्‍यादा लोग कभी नहीं पहुंचे. यानी सहारा की पूरी तरह ब्रांडिंग. नीचे आप भी देखिए प्रकाशित खबर का टोन और फोटो.

''बुधवार 20 मार्च, 2013. ये वो शाम थी जब देश की नामी-गिरामी हस्तियों का गंतव्‍य एक ही था. राजधानी दिल्‍ली का पंच सितारा होटल अशोक, क्‍योंकि यहां सहारा इंडिया परिवार के मुख्‍य अभिभावक सहारा श्री सुब्रत रॉय सहारा और श्रीमती स्‍वपना रॉय ने अपनी सुपौत्री रोशना के अन्‍नप्राशन के मौके पर एक शानदार समारोह आयोजित किया था. तमाम वरिष्‍ठ केंद्रीय मंत्रियों, बड़ी पार्टियों के नेताओं ने मीटिंगों के कारण न आ पाने की सूचना दी लेकिन इसके बावजूद पूर्व राष्‍ट्रपति, लोकसभा अध्‍यक्ष, राज्‍यपालों, मुख्‍यमंत्रीगण, कई केंद्रीय मंत्री, 175 से ज्‍यादा सांसदों और 120 से अधिक वरिष्‍ठतम ब्‍यूराक्रेट्स और उनके परिवार बेबी 'रोशना' को आशीर्वाद देने पहुंचे. जो कैबिनेट मंत्री और नेता नहीं पहुंच पाए उनके भी परिवारों के लोग समारोह में पहुंचे. मीडिया रिपोर्टों की मानें तो रोशना के सौभाग्‍य को लोग हमेशा सराहते रहेंगे क्‍योंकि किसी भी ऐसे सामाजिक व पारिवारिक में पहली बार इतनी बड़ी संख्‍या में राजनीति, खेल, उद्योग, फिल्‍म जगत की बड़ी हस्तियों और सामाजिक सांस्‍कृतिक जगत के लोगों ने उपस्थित रह कर मंगलकामनाएं कीं. सहारा परिवार के सभी सदस्‍यों ने भी बेबी रोशना को आशीष दिया. समारोह में बॉलीवुड गायक सोनू निगम और गायिका सपना मुखर्जी ने अपने कार्यक्रम से लोगों को देररात थिरकाया.''

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