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लखनऊ

”बेनी प्रसाद वर्मा का बेटा राकेश वर्मा तस्‍कर है और तस्‍करी में लिप्‍त रहा है”

लखनऊ। कांग्रेस की चापलूसी करके और मुलायम सिंह को गाली देकर करोड़ों रुपये स्टील मंत्रालय से डकारने वाले केन्द्रीय मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा का पूरा परिवार तस्करी करता था। उसका बड़ा बेटा राकेश वर्मा खुद बाराबंकीकी में एक बार तस्करी करते हुये पकड़ा गया था। मुलायम सिंह को गुंडा और लुटेरा बताने वाले यह केन्द्रीय मंत्री यह भूल गये कि उन्हीं के रहमो-करम पर वह राजनीति के पायदान से शिखर तक पहुंचे हैं। मुलायम के पैर धो कर भी अगर यह मंत्री रोज सुबह से शाम तक पिये तो भी कम होगा।

लखनऊ। कांग्रेस की चापलूसी करके और मुलायम सिंह को गाली देकर करोड़ों रुपये स्टील मंत्रालय से डकारने वाले केन्द्रीय मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा का पूरा परिवार तस्करी करता था। उसका बड़ा बेटा राकेश वर्मा खुद बाराबंकीकी में एक बार तस्करी करते हुये पकड़ा गया था। मुलायम सिंह को गुंडा और लुटेरा बताने वाले यह केन्द्रीय मंत्री यह भूल गये कि उन्हीं के रहमो-करम पर वह राजनीति के पायदान से शिखर तक पहुंचे हैं। मुलायम के पैर धो कर भी अगर यह मंत्री रोज सुबह से शाम तक पिये तो भी कम होगा।

मेरा साफ कहना है कि जिस व्‍यक्ति ने इसको राजनीति में लाल बत्ती देने का काम किया हो उसी को गरियाना कहां का न्याय है। बेनी से गाली दिलवाई गई है ऐसा मेरा मानना है। बेनी ने जिस तरह से राजधानी लखनऊ के झूलेलाल पार्क में समाजवादियों के कार्यकर्ताओं को कमीशन खाने वाला ब्यान दिया है उससे यह दर्शाता है कि बेनी को कांग्रेस के हाईकमान से कोई डांट नहीं पड़ी है। भले ही मुलायम सिंह ने सोनिया गांधी द्वारा हाथ जोड़कर मामले में माफी मांगने की बात की हो लेकिन मेरा मानना है कि लोकसभा चुनाव के पहले कई बार कांग्रेसी के बड़े नेता बेनी से मुलायम सिंह पर हमले बुलवाते रहेगें। बेनी को जवाब अब नेता जी मुलायम सिंह को नहीं देना चाहिये। इससे बेनी की हैसियत और बड़ी दिखाई देने लगती है। बेनी को पागलपन का दौरा भी चढ़ता है।

बेनी के लिये जिस तरह से सपा प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने बयान दिया है वह इसी के लायक हैं। सपा के बड़े नेताओं को बेनी के पागलपन वाले ब्यानों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं देनी चाहिये। बेनी बाबू पागल के साथ-साथ लगता है कि सठिया भी गये हैं। लगता है कि बेनी भूल गये कि पहली बार उन्हें प्रदेश में कैबिनेट मंत्री पीडब्लूडी किसने बनाया। इन्हीं मुलायम सिंह ने बेनी को जमीन से उठाकर आसमान में नम्बर दो का मंत्री अपनी सरकार में बनाया। उसके बाद केन्द्र में संचार मंत्री भी बेनी को मुलायम सिंह ने बनवाया। आज वही मुलायम सिंह अब गुंडे व लुटेरे हो गये हैं। बेनी ने जिस तरह से मुलायम सिंह को आतंकी का संरक्षक बताया यह बात काफी उस दिवालिये पन का उदाहरण है, जब कोई पूरी तरह से अपना मानसिक संतुलन खो देता है।

बेनी ने जिस तरह से स्टील मंत्रालय में भ्रष्टाचार करके उसका पूरा खजाना बारावंकी तथा गोण्डा के विकास के नाम पर अपने परिवार के नाम कर दिया है, अगर इसकी जांच सही तरह से करवा ली जाये तो अरबों रुपये की संपत्ति बेनी के परिवार के नाम मिल जायेगी। मेरा साफ मानना है कि बेनी ने जिस तरह से स्टील मंत्रालय में अरबों रुपये का भ्रष्टाचार किया है उसकी सीबीआई जांच होनी चाहिये। लेकिन कांग्रेस उनकी जांच न करा कर मुलायम पर राजनैतिक दवाब लोकसभा चुनाव के पूर्व बनाने का काम करेगी। मुलायम को बेनी की किसी भी बातो का जवाब स्वंय नहीं देना चाहिये। इससे बेनी का राजनेतिक कद बढ़ जाता है। मेरे पास जो बेनी की जानकारी है उसके मुताबिक बेनी का पूरा परिवार तस्करी के काम में लिप्त है। बेनी के लड़के से लेकर खुद बेनी पहले बाराबंकी से तस्करी करके अपना जीवन यापन करते थे। कई बार लालबत्ती की गाड़ी में तस्करी का सामना ले जाकर उसकी डिलेवरी दिल्ली व कानपुर में दी गई है।

बेनी ने जिस तरह से मुलायम पर राजनैतिक हमला न बोलकर व्‍यक्तिगत हमला बोला है वह काफी निदंनीय है। मुलायम को अब किसी भी सूरत में बेनी को माफ नहीं करना चाहिये। इसके साथ ही कांग्रेस के उन इरादों को भी भांप कर चलना चाहिये जो कांग्रेस बेनी से उन्हें गालियां दिलवा कर अपना वोट बैंक मजबूत करना चाहती है। मुलायम सिंह को बेनी के मामले पर कांग्रेस को दो टूक जवाब देकर सरकार से समर्थन वापस ले लेना चाहिये। इसके साथ ही जब तक कांग्रेस बेनी को पद से न हटा दे तब तक सपाइयों को मुलायम के खिलाफ दी गई टिप्पणी पर अपना आंदोलन सड़कों पर जारी रखना चाहिये। मेरा साफ मानना है कि मुलायम एक राष्ट्रीय पार्टी के अध्यक्ष है। न कि कोई छोटे-मोटे नेता। बेनी की हैसियत मुलायम के सामने कुछ भी नहीं है। इस लिये मुलायम को कांग्रेस की अंदरूनी उस मानसिक स्थित को भांपना चाहिये जो उनसे केन्द्र की सरकार के लिये समर्थन भी लिये रहना चाहती है और अपने नेताओं से उन्हें गालियां भी दिलवाती रहती है। मेरा साफ मानना है कि अगर इस मुद्दे पर सपा पीछे हट गई तो आने वाले समय में बेनी मुलायम पर और बड़ा हमला करके गाली गलौज की स्थिति को मंच के माध्यम से फिर जन्म देते रहेंगे। बेनी पागल हो गये है इसकी भी जांच सपा के नेताओं को डाक्टरों से करवानी होगी। इसके साथ ही अखिलेश सरकार से मेरी मांग है कि बेनी के लड़के राकेश वर्मा को मंत्री रहते जब तस्करी के आरोप में लिप्त पाया गया था और मंत्री पद से हटाया गया था उसकी पूरी जांच फिर से होनी चाहिये, तब पूरे देश को पता चल जायेगा कि मुलायम लुटेरा और गुंडा है कि बेनी वर्मा व उसका लड़का तस्कर है।

मैं जिस घटना का जिक्र कर रहा हूं उस घटना की जांच कराई जाये जिससे सच सामने आ जाये। मेरा साफ मानना है कि अगर यह परिवार वाकई में तस्करी में लिप्त रहा है तो इसकी जांच कराकर उस पर आगे की कार्रवाई भी करनी चाहिये। बेनी को उनके इरादों में कामयाब न होने देने के लिये जरूरी है कि समाजवादी पार्टी उन पर कोई न कोई कठोर कदम अवश्य उठाये, जिससे मुलायम सिंह के सम्मान को सही मायनों में बनाये रखने में कामयाबी मिलेगी। अगर इस नेता पर कोई कार्रवाई नहीं की गई तो आने वाले समय में कोई नया विवादास्पद व गंभीर बयान फिर बेनी की जुबान से प्रदेश व देश की राजनीति में सुनने को मिल जायेगा। मैं जो आरोप बेनी के परिवार व बेटे पर तस्करी का लगा रहा हूं वह पूरी तरह से ठोस आरोप है। इस पर मुझे जो सूत्रों से जानकारी मिली है उसे मैं खबरों के माध्यम से भी पाठकों तक पहुंचाने का काम अवश्य करूंगा।

समाजवाद का उदय के संपादक प्रभात त्रिपाठी की रिपोर्ट. यह खबर उनके अखबार में प्रकाशित हो चुकी है.

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