जी न्यूज से खबर आ रही है कि यहां काम कर रहे कई विभाग के कर्मचारियों पर छंटनी की तलवार लटक रही है. कभी कम सैलरी के बावजूद अपने कर्मचारियों के लिए सबसे ज्यादा मुफीद जगह माने जाने वाला जी न्यूज समूह अब अपनी विश्वसनीयता खोता जा रहा है. इस चैनल को सबसे ज्यादा नुकसान जिंदल समूह के साथ विवाद होने के बाद पड़ा है. मार्केट में इस चैनल की साख बुरी तरह प्रभावित हुई है, जिसके चलते चैनल की आमदनी पर भी बुरा असर पड़ा है.
बताया जा रहा है कि सुधीर चौधरी के संपादक बनकर आने तथा जिंदल को ब्लैकमेल करने वाले मामले में फंसने के बाद जी न्यूज की साख मार्केट में कम हुई है. इसका सीधा असर चैनल के रिवेन्यू पर पड़ा है. विश्वसनीयता खोने के चलते अब ज्यादातर ब्रांड जी न्यूज समूह से कन्नी काटने लगे हैं. इन परिस्थितियों में चैनल के खर्चे ज्यों के त्यों हैं पर आमदनी कम होती जा रही है. इसी का परिणाम है कि चैनल में छंटनी का दौर चलाया जा रहा है. पुराने लोगों की लिस्ट बनाकर उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है.
सूत्रों का कहना है कि खर्च में कटौती करने के नाम पर पुराने लोगों को शिकार बनाया जा रहा है. प्रबंधन की नजर में ये ज्यादा सैलरी पाने वाले लोग हैं. ऐसे लोगों को बाहर का रास्ता दिखाकर खर्च में कमी की जा रही है, क्योंकि आमदनी बढ़ाने के रास्ते लगातार संकरे होते जा रहे हैं. बताया जा रहा है कि अभी तो सिर्फ कैमरामैन में कार्यरत पुराने लोगों को बाहर किया गया है, जल्द ही पीसीआर, एडिटोरियल, स्टूडियो, एमसीआर तथा टेक्निकल विभाग से भी बड़े सैलरी पाने वालों को बाहर निकाले जाने की तैयारी है. ड्राइवरों तक को नहीं बख्शा जाने वाला है.
इसके पहले तमाम वरिष्ठ पदों पर कार्यरत लोग इस्तीफा देकर दूसरे चैनलों में चले गए. कई और पहले ही जाने को तैयार बैठे हैं. अंदर का माहौल बुरी तरह खराब हो चुका है. सुधीर चौधरी के आने के बाद से स्थितियां बनने से ज्यादा बिगड़ी हैं. चैनल के साख से लेकर कर्मचारियों के हित तक प्रभावित हुए हैं. बताया जा रहा है कि अमरीश के जहर खाने के बाद से जी न्यूज के कैमरामैनों में प्रबंधन के विरुद्ध जबर्दस्त गुस्सा है. अभी तक अन्य विभागों में कार्यरत लोगों को इसकी सूचना नहीं मिली है, पर आशंका है कि छंटनी के चलते अमरीश के जहर खाने की बात सामने आने के बाद जी न्यूज चैनल में तनाव और बढ़ सकता है.





