Connect with us

Hi, what are you looking for?

No. 1 Indian Media News PortalNo. 1 Indian Media News Portal
Local News Community

सुख-दुख...

डा. जोशी के कार्यक्रम में साफ झलकी बनारसी पत्रकारिता की गुटबाजी

गिलट बाजार स्थित पत्रकारपुरम के लोकार्पण समारोह के आयोजन को लेकर पत्रकारों के दो गुटों में चल रही रार का असर समारोह के दौरान भी देखने को मिला। गत 24 मार्च को पत्रकारपुरम में आयोजित समारोह में खाली कुर्सियां तो इस बात की गवाही दे ही रही थीं, समारोह के मुख्य अतिथि सांसद डॉ. मुरली मनोहर जोशी ने भी अपने भाषण के दौरान इस विवाद की ओर इशारा किया। उन्होंने बड़े ही शालीन तरीके से कह डाला कि लगाता है इन लोगों को भी वो रोग हो गया है। ये बोलने के साथ ही उन्होंने कहा कि समझदार के लिए इशारा ही काफी है।

गिलट बाजार स्थित पत्रकारपुरम के लोकार्पण समारोह के आयोजन को लेकर पत्रकारों के दो गुटों में चल रही रार का असर समारोह के दौरान भी देखने को मिला। गत 24 मार्च को पत्रकारपुरम में आयोजित समारोह में खाली कुर्सियां तो इस बात की गवाही दे ही रही थीं, समारोह के मुख्य अतिथि सांसद डॉ. मुरली मनोहर जोशी ने भी अपने भाषण के दौरान इस विवाद की ओर इशारा किया। उन्होंने बड़े ही शालीन तरीके से कह डाला कि लगाता है इन लोगों को भी वो रोग हो गया है। ये बोलने के साथ ही उन्होंने कहा कि समझदार के लिए इशारा ही काफी है।

विदित है कि इस विवाद का मुख्य कारण लोकार्पण समारोह के आयोजकों द्वारा पत्रकारपुरम के प्लॉट आवंटियों और वहां रहने वाले सभी पत्रकारों को विश्वास में न लिया जाना था। इसके पीछे अपना वर्चस्व बनाये रखने या यूं कहिये कि अपनी दुकानदारी चलाने की सोच रही होगी लेकिन इसने पत्रकारों को बांट कर रख दिया। इसका एहसास समारोह के दौरान साफ हो रहा था। बहुत सारे पत्रकार समारोह में आये ही नहीं थे। दरअसल पत्रकारपुरम के प्लॉट आवंटियों और वहां रहने वाले पत्रकारों का प्रतिनिधित्व करने वाली संस्था पत्रकारपुरम विकास समिति है। इस रजिस्टर्ड संस्था के संयोजक श्री राकेश चतुर्वेदी और अध्यक्ष चेतन स्वरूप हैं। इन लोगों को दरकिनार कर काशी पत्रकार संघ के अध्यक्ष कृष्णदेव नारायण राय, महामंत्री राजेंद्र रंगप्पा, संघ के पूर्व अध्यक्ष योगेश गुप्त और उत्तर प्रदेश जर्नलिस्ट एसोसिएशन (उपजा) की स्थानीय इकाई के अध्यक्ष विनोद सिंह बागी ने लोकार्पण समारोह कराने की योजना बनाई ताकि पत्रकारपुरम के विकास का श्रेय खुद लिया जा सके।

जब इस बात की खबर विकास समिति के लोगों को हुई तो उनका खफा होना स्वाभाविक था। यही वजह थी कि लोकार्पण समारोह से एक दिन पहले पत्रकारपुरम में वरिष्ठ पत्रकार धर्मेंद्र सिंह के आवास पर हुई विकास समिति की बैठक में शामिल पत्रकारों में काफी हैरानी और गुस्सा नजर आया। उनको इस बात पर जबरदस्त आपत्ति थी कि लोकार्पण समारोह के निमंत्रण कार्ड पर एक निवेदक के निवेदक के रूप में योगेश कुमार गुप्त का नाम छपवाया गया है और उनको पत्रकारपुम विकास समिति से मिलते जुलते नाम पत्रकारपुरम समिति का संयोजक दर्शाया गया है। इस बात की खबर समारोह के मुख्य अतिथि सांसद डॉ. मुरली मनोहर जोशी तक भी उनके प्रतिनिधि तथा अन्य स्थानीय भाजपा नेताओं व पत्रकारपुरम विकास समिति के जरिये पहुंच गयी थी। इससे डॉ. जोशी काफी कशमकश में थे लेकिन चूंकि निवेदकों में से एक पुराने भाजपाई श्री विनोद सिंह बागी (उपजा की वाराणसी इकाई के अध्यक्ष) थे इसलिए उन्हें लोकार्पण समारोह में आना ही पड़ा।

इस बात का जिक्र डॉ. जोशी ने समारोह में अपने भाषण के दौरान भी किया। उन्होंने मजाकिया लहजे में यहां तक कह दिया कि श्री विनोद सिंह बागी के बागी तेवर को देखते हुए ही मुझे यहां आना ही पड़ा। समारोह में आने के लिए उनका मेरे ऊपर काफी दबाव था। इसके साथ ही उन्होंने पत्रकारों की गुटबाजी की ओर इशारा भी किया। यहां यह कहना गलत नहीं होगा कि डॉ. जोशी के मुख्य आतिथ्य में लोकार्पण समारोह होने का असली श्रेय श्री बागी को ही जाता है, ये बात अलग है कि यह श्रेय लूटने में काशी पत्रकार संघ के अध्यक्ष कृष्णदेव नारायण राय, महामंत्री राजेंद्र रंगप्पा पीछे नहीं रहे। योगेश गुप्त ने तो मंच से स्वागत भाषण करते हुए पत्रकारपुरम के विकास की गाथा कुछ इस प्रकार बतायी कि उससे लगने लगा कि उनके ही प्रयासों से यहां पत्रकारों को प्लॉट मिल पाये। उनके पूर्व काशी पत्रकार संघ के अध्यक्ष रहे विकास पाठक ने पत्रकारपुरम के विकास के लिए जो अथक प्रयास किये उसका जिक्र उन्होंने बहुत ही मामूली ढंग से किया। जबकि सच्चाई यह है कि विकास पाठक और उनके पूर्ववर्ती काशी पत्रकार संघ अध्यक्ष प्रदीप कुमार और संजय अस्थाना ने पत्रकारपुरम की स्थापना तथा वहां पत्रकारों को प्लॉट आवंटित कराने के लिए जबरदस्त काम किया था।  

यहां ये बात गौर करने लायक है कि पत्रकारों के इस कार्यक्रम में गिनती के ही पत्रकार मौजूद थे। कोई भी ऐसा चेहरा नहीं था जिसका पत्रकारपुरम को वजूद में लाने में अहम योगदान रहा हो। जहां पत्रकार के सदस्यों की संख्या ढाई सौ से ज्यादा है वहीं कुछ गिने-चुने पत्रकार ही कार्यक्रम का कवरेज करने आये थे। इनमें अमर उजाला से बृजेश सिंह, राष्ट्रीय सहारा से सौरभ अग्रवाल, आज से विनोद सिंह आदि मौजूद थे। दैनिक जागरण और आई नेक्स्ट से तो कोई नहीं आया था। कार्यक्रम में पत्रकारों की तुलना में भाजपाई ज्यादा थे। इन भाजपाइयों में प्रमुख रूप से मेयर रामगोपाल मोहले, विधायक श्यामदेव राय चौधरी, ज्योत्सना श्रीवास्तव, आद्या पांडेय, वीणा पांडेय, भाजपा के महानगर अध्यक्ष टीएस जोशी, भाजपा काशी प्रांत के अध्यक्ष लक्ष्मण आचार्य, पे्रम कपूर, रामप्रकाश दुबे, देवेंद्र सिंह, सुधीर मिश्र, नवरतन राठी, नागेंद्र रघुवंशी आदि शामिल थे। लोकार्पण समारोह के दौरान योगेश एंड कंपनी का रूरल इंजीनियरिंग सर्विस (आरईएस) के अधिकारियों की खुशामद करना किसी के गले नहीं उतर रहा था।

(इनपुट क्‍लाउन टाइम्‍स)

Pahad Ki Dada: Hill Mail Uttarakhand
CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

… अपनी भड़ास [email protected] पर मेल करें … भड़ास को चंदा देकर इसके संचालन में मदद करने के लिए यहां पढ़ें-  Donate Bhadasमोबाइल पर भड़ासी खबरें पाने के लिए प्ले स्टोर से Telegram एप्प इंस्टाल करने के बाद यहां क्लिक करें : https://t.me/BhadasMedia 

Advertisement

You May Also Like

विविध

Arvind Kumar Singh : सुल्ताना डाकू…बीती सदी के शुरूआती सालों का देश का सबसे खतरनाक डाकू, जिससे अंग्रेजी सरकार हिल गयी थी…

विविध

: काशी की नामचीन डाक्टर की दिल दहला देने वाली शैतानी करतूत : पिछले दिनों 17 जून की शाम टीवी चैनल IBN7 पर सिटिजन...

विविध

पहली बार चुनाव हमने 1967 में देखा था. तेरह साल की उम्र में. और अब पहली बार ऐसा चुनाव देख रहे हैं, जो इससे...

विविध

राजस्थान, कांग्रेस और सेक्स. ये तीन शब्द लगता है आपस में अच्छे से घुल मिल गए हैं. भंवरी कांड में ये तीनों शब्द जुड़े...