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बहुत खतरनाक है यह ‘हापुड़ गैंग’, इससे मुक्ति दिलाओ

तब मैं बीएचयू में भाकमा-माले के छात्र संगठन आइसा (आल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन) के बैनर तले छात्र राजनीति में सक्रिय था. दिल्ली में आयोजित विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए छात्र-छात्राओं की टीम ट्रेन से जा रही थी. एक डिब्बे में आइसा नेता सुनील यादव छात्र-छात्राओं के साथ थे. हापुड़ गैंग के लोग भारी मात्रा में घुसे. छात्राओं से छेड़खानी शुरू कर दी. सुनील यादव ने विरोध किया. हापुड़ गैंग का भरोसा कभी भी मानवीयता संवेदना बातचीत आदि में नहीं रहा है.

तब मैं बीएचयू में भाकमा-माले के छात्र संगठन आइसा (आल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन) के बैनर तले छात्र राजनीति में सक्रिय था. दिल्ली में आयोजित विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए छात्र-छात्राओं की टीम ट्रेन से जा रही थी. एक डिब्बे में आइसा नेता सुनील यादव छात्र-छात्राओं के साथ थे. हापुड़ गैंग के लोग भारी मात्रा में घुसे. छात्राओं से छेड़खानी शुरू कर दी. सुनील यादव ने विरोध किया. हापुड़ गैंग का भरोसा कभी भी मानवीयता संवेदना बातचीत आदि में नहीं रहा है.

गैंग के लोगों ने सुनील यादव के साथ मारपीट शुरू कर दी. सुनील के कान के पर्दे फट गए. काफी चोटें आईं. डिब्बे में बैठे अन्य यात्री हापुड़ गैंग के भय के मारे कुछ भी नहीं बोल रहे थे. किसी ने सुनील का साथ नहीं दिया. लड़कियां चिल्लाती रहीं. हापुड़ गैंग उत्पात मचाता रहा. इस घटनाक्रम की सूचना बाद में हम लोगों को मिली. मैं कई दिनों तक सोचता रहा कि आखिर कुछ लोग कैसे इतने असंवेदनशील और उत्पाती हो सकते हैं.

भूमिका राय के साथ कल जो कुछ हुआ, उसका मैं गवाह इस रूप में रहा कि भूमिका ने लगभग रोते हुए अपने साथ हो रहे अभद्रता के बारे में मुझे सूचित किया. मुझे भी तुरंत समझ में नहीं आया कि आखिर मैं कैसे मदद कर सकता हूं. तभी आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर का खयाल आया जो भड़ास पर गाहे बगाहे लिखते रहते हैं. मैंने उन्हें एक महिला पत्रकार के संकट में फंसे होने की जानकारी दी तो वे तुरंत सक्रिय हो गए और एडीजी वीके जैन को बताया. खैर, भूमिका भाग्यशाली रहीं कि उन तक पंद्रह बीस मिनट के भीतर कई सिपाही पहुंच गए और हापुड़ गैंग भाग गया. लेकिन सब इतने भाग्यशाली नहीं होते.

अभिनेत्री सीमा आजमी कहती हैं कि उनके साथ हापुड़ गैंग ने जो सलूक किया था, बहुत वर्षों पहले, वे आज तक नहीं भूल पाई हैं. चेतना भाटिया का कहना है कि हापुड़ गैंग के दुर्व्यवहार का शिकार वो भी हो चुकी हैं. हजारों लोग हापुड़ गैंग के आतंक और उत्पात से दो-चार हो चुके हैं. सबको पता है हापुड़ गैंग के कारनामों के बारे में. लेकिन इनके खिलाफ सरकार, सिस्टम, पुलिस, रेलवे सख्त एक्शन क्यों नहीं करते ताकि किसी की भी हिम्मत किसी यात्री से बदतमीजी करने की न पड़े. क्या आप भी हापुड़ गैंग के पीड़ित हैं. अगर हैं तो अपने साथ हुए हादसे के बारे में लिख भेजें.

हापुड़ गैंग के आतंक के खात्मे के लिए जरूरी है कि इस प्रकरण को लगातार जिंदा रखा जाए ताकि संबंधित एजेंसीज को जगाया जा सके. हापुड़ गैंग के खात्मे में आपका भी योगदान चाहिए. आप अपने संस्मरण लिख कर यह योगदान दे सकते हैं. आप किसी दूसरे यात्री या करीबी के साथ पेश आए हादसे के बारे में बता सकते हैं. आपके मेल का हमें इंतजार है. [email protected] पर मेल करें या सीधे मुझे [email protected] पर मेल कर सकते हैं.

यशवंत

एडिटर, भड़ास4मीडिया

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